Sriganganagar: डॉ. मीणा ने बताया कि इस नेटवर्क के तहत जयपुर में करीब 10 फैक्ट्रियों में ऐसे जहरीले उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं, जिन्हें किसानों को बेचा जा रहा है। यह उत्पाद किसानों की फसलों और उनकी सेहत के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं।
जयपुर ग्रामीण के चौमूं उपखंड के सामोद क्षेत्र में मंगलवार को कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के अचानक निरीक्षण से हड़कंप मच गया। मंत्री जब सामोद के डेहरा जाटावाली गांव में एक अवैध खाद-बीज फैक्टरी के निरीक्षण के लिए पहुंचे, तो संचालक ताला लगाकर मौके से फरार हो गया।
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निरीक्षण के दौरान भारी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ इकट्ठा हो गई। फैक्टरी पर दो कंपनियों के नाम अंकित मिले, लेकिन किसी भी प्रकार का वैध लाइसेंस नहीं पाया गया। मंत्री ने बताया कि इस फैक्ट्री में बिना किसी लाइसेंस के बड़े स्तर पर कृषि उत्पाद तैयार किए जा रहे थे, जिनमें फोरेट जैसे प्रतिबंधित और खतरनाक रसायन भी शामिल हैं।
डॉ. मीणा ने बताया कि इस नेटवर्क के तहत जयपुर में करीब 10 फैक्ट्रियों में ऐसे जहरीले उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं, जिन्हें किसानों को बेचा जा रहा है। यह उत्पाद किसानों की फसलों और उनकी सेहत के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं। मंत्री ने कहा कि इस क्षेत्र में दर्जनों अवैध फैक्ट्रियां संचालित हो रही हैं, जो बिना जांच-पड़ताल के नकली और हानिकारक उत्पाद बाजार में उतार रही हैं।
डॉ. मीणा ने बताया कि उन्हें इस फैक्टरी के संबंध में लगातार शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद उन्होंने स्वयं मौके पर पहुंचकर सच्चाई का जायजा लिया। मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं तथा दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए हैं। ग्रामीणों ने मंत्री से मांग की कि ऐसे अवैध कारखानों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया जाए ताकि किसानों को नुकसान से बचाया जा सके।