जयपुर पुलिस ने सोशल मीडिया और ऑनलाइन ऐड्स के जरिये सक्रिय एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो एस्कॉर्ट सर्विस के नाम पर लोगों से ठगी और लूटपाट कर रहा था। पुलिस उपायुक्त जयपुर (पूर्व) संजीव नैन (आईपीएस) ने बताया कि देर रात सक्रिय यह गिरोह पहले ग्राहकों को फर्जी विज्ञापनों के जरिये फंसाता और फिर उनसे मोटी रकम ऐंठ लेता था।
घटना 22 सितंबर को सामने आई, जब परिवादी कान सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसने गूगल पर मसाज सर्विस सर्च की और संपर्क करने पर तीन युवक और एक युवती होटल पहुंचे। उन्होंने पहले पांच हजार रुपये लिए, फिर और रकम मांगी। इंकार करने पर लाठी-सरियों से मारपीट कर उसका मोबाइल और 11,700 रुपये लूट लिए। मामले में थाना जवाहर सर्किल पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की।
यह भी पढ़ें-
दरगाह में सीसीटीवी कैमरे लगाने का विरोध अब महंगा पड़ेगा, अदालत ने दिए सख्त आदेश
जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर तंत्र की मदद से सुमित बसवाल और आकाश को गिरफ्तार किया गया। दोनों ने कबूल किया कि वे संगठित गिरोह बनाकर इस तरह की वारदात अंजाम देते हैं। आरोपियों ने जयपुर शहर में अन्य वारदात का भी खुलासा किया।
गिरोह का तरीका
- फर्जी सर्विस: ग्राहक से एस्कॉर्ट सर्विस के नाम पर एडवांस ले लिया जाता, लेकिन कोई सेवा उपलब्ध नहीं करवाई जाती।
- विवाद और लूट: लड़की को दलाल के साथ भेजा जाता, जहां पैसों को लेकर विवाद कराकर पहले से मौजूद गुंडे ग्राहक से मारपीट और लूट करते।
- ब्लैकमेलिंग: लड़की के साथ मुलाकात के बाद ग्राहक पर बलात्कार या छेड़छाड़ का झूठा आरोप लगाने की धमकी देकर भारी रकम ऐंठी जाती।
पुलिस टीम ने बताया कि गिरोह ऑनलाइन ऐड्स का सहारा लेकर अपने विज्ञापन टॉप पर दिखाता था। होटल के बाहर ग्राहकों को बुलाकर डर, मारपीट और ब्लैकमेलिंग के जरिये उनसे पैसे और मोबाइल लूटना इसका मुख्य पैटर्न था। फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से अन्य वारदातों की पूछताछ की जा रही है और शेष मुख्य आरोपीगण की तलाश जारी है।