Jaipur News: उपराष्ट्रपति ने कहा कि अगर सिविल सेवक राजनीतिक व्यवस्था, राजनेताओं या उद्योग, व्यापार, व्यवसाय और वाणिज्य के चुनिंदा लोगों के साथ गठबंधन करते हैं, तो इससे पूरी व्यवस्था कमजोर होती है। पढ़ें पूरी खबर...।
भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने सोमवार को कहा कि निरंतर विकास और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए सिविल सेवाएं सर्वोपरि हैं, लेकिन इसका भ्रष्टाचार संघीय राजनीति के लिए खतरनाक है। सिविल सेवा दिवस पर जयपुर में फेडरेशन ऑफ राजस्थान ट्रेड एंड इंडस्ट्रीज द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए धनखड़ ने देश भर के सिविल सेवकों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि वे लोकतंत्र और शासन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और विकास की दिशा तय करते हैं। उन्होंने कहा कि अलग-अलग प्रांतों में अलग-अलग पार्टियां शासन करती हैं, जिससे सिविल सेवाओं की भूमिका का महत्व बढ़ जाता है।
सिविल सेवकों को संघवाद का रक्षक बताते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें व्यवस्थित और नियम-आधारित तरीके से काम करने का संकल्प लेना चाहिए। उपराष्ट्रपति ने कहा कि अगर सिविल सेवक राजनीतिक व्यवस्था, राजनेताओं या उद्योग, व्यापार, व्यवसाय और वाणिज्य के चुनिंदा लोगों के साथ गठबंधन करते हैं, तो इससे पूरी व्यवस्था कमजोर होती है। उन्होंने कहा कि यह संघीय व्यवस्था के लिए भी बेहद खतरनाक है।
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धनखड़ ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि वे उच्चतम मानकों का उदाहरण स्थापित करेंगे और पारदर्शिता और जवाबदेही लाएंगे। उन्होंने स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन और खनिज, वस्त्र, हस्तशिल्प, सेवा उद्योग, नवीकरणीय ऊर्जा और सौर ऊर्जा में मूल्य संवर्धन के क्षेत्र में राजस्थान की प्रगति की विभिन्न संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि राजस्थान सेवा उद्योग, सूचना प्रौद्योगिकी और शिक्षा के विकास के लिए एक प्राकृतिक क्षेत्र है, फिर भी ग्रीनफील्ड परियोजनाएं नहीं आ रही हैं।
धनखड़ ने फेडरेशन ऑफ राजस्थान ट्रेड एंड इंडस्ट्री (फोर्टी) जैसे संगठनों से राज्य के उत्पादों के मूल्य संवर्धन पर केंद्रित थिंक-टैंक स्थापित करने का आह्वान किया। जयपुर को विश्व स्तरीय शहर बताते हुए उन्होंने कहा कि यह सेवाओं और आईटी उद्योगों के केंद्र के रूप में अधिक ध्यान, विकास और मान्यता का हकदार है। उन्होंने कहा कि राज्य में गुणवत्तापूर्ण जीवन और भोजन प्रदान करने की क्षमता है।