सीवरेज टैंक की सफाई के दौरान दो मजदूरों की मौत
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जयपुर के झोटवाड़ा जोन में एक दर्दनाक हादसे ने सफाई व्यवस्था और श्रमिक सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शेखावत मार्ग, निवारू रोड स्थित वार्ड नंबर 24 में सीवरेज टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस के संपर्क में आने से दो मजदूरों की मौत हो गई। हादसे के दौरान दोनों कर्मचारियों का दम घुटने लगा और वे मदद के लिए चिल्लाने लगे।
घटना की सूचना मिलते ही करधनी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को सीवरेज टैंक से बाहर निकालकर तुरंत कांवटिया अस्पताल पहुंचाया गया लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतकों की पहचान अजय (पुरानी बस्ती निवासी) और रामबाबू (बनीपार्क निवासी) के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों शवों को मोर्चरी में रखवाकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है और मामले की जांच जारी है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह हादसा सीवर चेंबर में अचानक मीथेन गैस भर जाने के कारण हुआ। वाल्मीकि सफाई कर्मचारी संगठन ने इस घटना को घोर लापरवाही का परिणाम बताया है। संगठन का आरोप है कि ठेकेदार द्वारा कर्मचारियों को बिना किसी सुरक्षा उपकरण के सीवर में उतारा गया, जिससे उनकी जान चली गई।
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संगठन के अध्यक्ष नंदकिशोर डंडोरिया ने कहा कि पहले भी प्रशासन को कई बार चेतावनी दी गई थी कि ठेकेदार सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित जेईएन, एईएन और एक्सईएन सिर्फ कागजी कार्रवाई पूरी कर रहे हैं, जबकि जमीनी स्तर पर श्रमिकों की जान जोखिम में डाली जा रही है।
इधर नगर निगम कमिश्नर ओम कसेरा ने घटना को गंभीर बताते हुए जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट किया जाएगा कि ठेकेदार ने सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए थे या नहीं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
संयुक्त वाल्मीकि एवं सफाई श्रमिक संघ ने मृतकों के परिजनों को सरकारी नौकरी और एक-एक करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि मांगें नहीं मानी गईं, तो समाज सफाई व्यवस्था का बहिष्कार करेगा।