राजस्थान उच्च-अधिकार प्राप्त चुनाव समिति ने 24 फरवरी को जयपुर में बैठक की। इस बैठक की अध्यक्षता सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति जे.आर. मिधा ने की। बैठक में बार काउंसिल ऑफ राजस्थान के आने वाले चुनाव निष्पक्ष तरीके से कराने को लेकर अहम फैसले लिए गए। समिति ने कहा कि बार काउंसिल ऑफ राजस्थान का कार्यकाल 16 जनवरी 2026 को खत्म हो चुका है। इसलिए मौजूदा अध्यक्ष और सदस्य अब परिषद के कामकाज को संभालने के कानूनी हकदार नहीं हैं।
बैठक में बार काउंसिल ऑफ इंडिया और बीसीआर अध्यक्ष की ओर से उठाई गई आपत्तियों को भी खारिज कर दिया गया। इसके बाद अधिवक्ता अधिनियम की धारा 8A के तहत एक विशेष समिति बनाई गई, जो नई चुनी हुई परिषद के कार्यभार संभालने तक सभी कामकाज देखेगी।
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इस विशेष समिति में राजस्थान के महाधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद को अध्यक्ष बनाया गया है। वरिष्ठ अधिवक्ता जगमल सिंह चौधरी और अशोक मेहता को सदस्य नियुक्त किया गया है।
समिति ने यह भी कहा कि कार्यवाहक सचिव को दिया गया कारण बताओ नोटिस और मौखिक निलंबन आदेश अवैध हैं। समिति का मानना है कि चूंकि वर्तमान अध्यक्ष और कई सदस्य खुद चुनाव लड़ रहे हैं, इसलिए उनके पास प्रशासनिक कामकाज संभालने का अधिकार नहीं होना चाहिए क्योंकि इससे चुनाव की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है। सभी कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अब केवल नई विशेष समिति के निर्देशों का पालन करें। आदेश की अवहेलना करने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।