जयपुर नगर निगम ग्रेटर और हैरिटेज में सफाई कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया में अनुभव प्रमाण पत्र को लेकर विवाद बढ़ गया है। इसी मुद्दे पर जयपुर के सफाई कर्मचारियों ने आज बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में जुटे सैकड़ों कर्मचारियों ने नगर निगम के भर्ती अनुभव प्रमाण पत्र में 'सक्षम अधिकारी' की अनिवार्यता को हटाने की मांग की और पुराने भरे हुए फॉर्म को बहाल करने पर जोर दिया। उनका कहना है कि नई शर्तों के कारण बहुत से कर्मचारियों का भविष्य अधर में लटक गया है और उनकी नौकरियां खतरे में हैं।
सफाई कर्मचारियों का आरोप है कि सरकार द्वारा जारी भर्ती के नए दिशा-निर्देश उनके लिए बाधा उत्पन्न कर रहे हैं। खासकर "सक्षम अधिकारी" से जारी अनुभव प्रमाण पत्र की अनिवार्यता के चलते कई अनुभवी सफाई कर्मचारी प्रक्रिया में अड़चन महसूस कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने इसे अनावश्यक शर्त बताते हुए मांग की है कि इसे तुरंत हटाया जाए। उनका कहना है कि जो कर्मचारी पहले से ही फॉर्म भर चुके हैं, उनके फॉर्म को निरस्त करना अनुचित है। कर्मचारियों ने इसे उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ करार दिया।
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारियों ने राजस्थान सरकार में स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा के निवास के बाहर प्रदर्शन किया। वे अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए और सरकार को चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे आगामी दिनों में और भी उग्र आंदोलन करेंगे।
स्थिति बिगड़ती देख प्रशासन ने मौके पर पुलिस बल तैनात किया था। पुलिस के तमाम प्रयासों के बावजूद जब प्रदर्शनकारियों का विरोध शांत नहीं हुआ तो हालात को काबू में रखने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा, जिससे कई प्रदर्शनकारी घायल हो गए। पुलिस ने मौके से कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया और उन्हें स्थानीय थानों में ले जाया गया।
सफाई कर्मचारियों के इस प्रदर्शन का असर पूरे जयपुर की स्वच्छता सेवाओं पर पड़ सकता है। विरोध प्रदर्शन और गिरफ्तारी के चलते सफाई कर्मचारियों में असंतोष बढ़ने के कारण शहर में हड़ताल का माहौल बनने की संभावना है। स्थानीय नागरिकों ने भी चिंता जताई है कि यदि इस समस्या का समाधान जल्द नहीं हुआ, तो जयपुर में सफाई सेवाओं पर संकट गहरा सकता है। नगर निगम के सफाई कर्मचारियों की बड़ी संख्या में संभावित हड़ताल से कचरा प्रबंधन प्रभावित हो सकता है, जो शहरवासियों के लिए परेशानी का सबब बन सकता है।
सफाई कर्मचारियों ने राज्य सरकार से अपील की है कि वे उनकी मांगों को गंभीरता से लें और भर्ती प्रक्रिया को लेकर विवादास्पद शर्तों को हटाएं। प्रदर्शनकारियों ने संकेत दिया है कि अगर सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं देती है, तो वे इस आंदोलन को और तेज करेंगे और जरूरत पड़ी तो लंबी हड़ताल पर भी जा सकते हैं।