आपदा प्रबंधन की तैयारी को परखने के लिए भारत सरकार के निर्देशानुसार कल आयोजित मॉक ड्रिल का अभ्यास जयपुर समेत प्रदेश के 28 शहरों में किया गया। प्रशासन द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के तहत जयपुर में 14 अलग-अलग स्थानों पर सायरन बजाकर मॉक ड्रिल की शुरुआत की गई। इसके बाद रात्रि 7:15 से 11:00 बजे तक विभिन्न शहरों में अलग-अलग समय पर 15 मिनट का ब्लैक आउट किया गया। जयपुर में यह ब्लैक आउट रात 8:30 से 8:45 बजे तक निर्धारित किया गया था।
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हालांकि मॉक ड्रिल के दौरान जयपुर में मिश्रित प्रतिक्रिया देखने को मिली। जहां कुछ नागरिकों ने प्रशासन का सहयोग करते हुए लाइटें बंद कीं और यातायात को रोका, वहीं बड़ी संख्या में लोग निर्देशों की अवहेलना करते नजर आए। कई वाहन चालक ब्लैक आउट के दौरान भी सड़कों पर लाइट जलाकर वाहन चलाते रहे, जिससे मॉक ड्रिल का उद्देश्य प्रभावित होता दिखा।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी लापरवाहियां भविष्य में वास्तविक आपदा की स्थिति में गंभीर परिणाम ला सकती हैं। मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य लोगों को आपातकालीन परिस्थितियों के लिए तैयार करना है, लेकिन अगर नागरिक इसमें पूरी तरह भागीदारी नहीं निभाते हैं, तो यह प्रयास निष्फल हो सकता है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि भविष्य में ऐसे अभ्यासों को गंभीरता से लें और निर्देशों का पालन कर अपनी और समाज की सुरक्षा सुनिश्चित करें।