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Rajasthan News: डूंगरपुर में 'चांदीपुरा वायरस' का पॉजिटिव केस, स्वास्थ्य महकमे में मची हलचल, जारी की एडवाइजरी

Tue, 30 Jul 2024 08:04 PM IST
अर्पित याज्ञनिक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

गुजरात में इस रोग के मामले सामने आने के बाद चांदीपुरा वायरस ने अब राजस्थान में एंट्री कर ली है। इसको देखते हुए चिकित्सा विभाग ने विस्तृत एडवाइजरी जारी की है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव शुभ्रा सिंह ने गुजरात राज्य के सीमावर्ती जिलों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही प्रदेशभर में इस रोग से बचाव एवं उपचार के लिए व्यवस्थाएं चाक-चौबंद की गई हैं।
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डूंगरपुर जिले में आया पहला केस। - फोटो : अमर उजाला
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राज्य के डूंगरपुर जिले में 'चांदीपुरा वायरस' का एक पॉजिटिव रोगी सामने आने के बाद हलचल मच गई है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेशभर में इस रोग को लेकर सावधानी बरतने के निर्देश दिए है। विभाग ने आवश्यक प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत एडवाइजरी जारी की है।

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चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने प्रदेश में 'चांदीपुरा वायरस' का रोगी सामने आने के बाद इस बीमारी से बचाव के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद विभाग ने प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों के प्रधानाचार्यों, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों तथा प्रमुख चिकित्सा अधिकारियों को एडवाइजरी के अनुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव  शुभ्रा सिंह ने बताया कि डूंगरपुर जिले में एक रोगी सामने आने के बाद प्रदेशभर में इस रोग से बचाव एवं उपचार के लिए व्यवस्थाएं चाक-चौबंद की गई हैं। साथ ही गुजरात राज्य के सीमावर्ती जिलों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। शुभ्रा सिंह ने बताया कि विभाग की ओर से जारी विस्तृत एडवाइजरी में बीमारी के लक्षण, जांच, उपचार, बचाव एवं वेक्टर नियंत्रण के संबंध में जानकारी दी गई है तथा एडवाइजरी के अनुरूप प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। गुजरात में इस रोग के मामले सामने आने पर पूर्व में भी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए थे।
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निदेशक जनस्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश माथुर ने बताया कि एडवाइजरी के अनुसार एक्यूट इंसिफेलाइटिस सिण्ड्रोम से ग्रसित रोगी सामने आने पर उसे तत्काल प्रभाव से निकटतम जिला अस्पताल या मेडिकल कॉलेज में रेफर करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि आशा, एएनएम एवं सीएचओ का इस रोग के संबंध में आमुखीकरण करने, संदिग्ध केस की स्थिति में हाउस-टू-हाउस सर्वे करवाए जाने, संदिग्ध या पॉजिटिव रोगी के आस-पास के घरों में बचाव एवं नियंत्रण गतिविधियां संचालित करने को कहा गया है।

डॉ. माथुर ने बताया कि सर्वे के दौरान कोई भी संदिग्ध रोगी सामने आने पर निकटतम मेडिकल कॉलेज की माइक्रोबायोलॉजी टीम के माध्यम से सैंल लेकर पुणे स्थित लैब में भेजने, पॉजिटिव केस की स्थिति में रोगी के सम्पर्क में आए लोगों के भी सैंपल लेकर पुणे भेजने के निर्देश दिए गए हैं। पॉजिटिव केस की स्थिति में पालतू जानवरों के सैंपल पशुपालन विभाग के माध्यम से एकत्र कर संबंधित लैब में भिजवाए जाएंगे। 

कोई भी संदिग्ध केस सामने आने पर सभी चिकित्सा संस्थानों को इसकी जानकारी जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य निदेशालय को तत्काल प्रभाव से देनी होगी। साथ ही इस रोग के केसों की दैनिक रिपोर्टिंग आईएचआईपी पोर्टल पर भी करनी होगी। रोग के संबंध में जागरूकता हेतु आवश्यक आईईसी गतिविधियां संचालित किए जाने के भी निर्देश दिए गए हैं।

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