SMS Hospital: राजधानी जयपुर के सवाई मानसिंह हॉस्पिटल में गुरुवार सुबह एक वार्ड में छत का एक हिस्सा (प्लास्टर) गिर गया। वार्ड में भर्ती एक मरीज बुरी तरह से घायल हो गया। घटना से वहां मौजूद अन्य मरीजों, उनके परिजनों और स्टॉफ के सदस्यों में हड़कंप मच गया।
जयपुर के एसएमएस अस्पताल में सुबह एक चौंकाने वाला हादसा हुआ। अस्पताल के सर्जिकल यूनिट-3 के एच वार्ड में एक मरीज पर इलाज के इंतज़ार के दौरान अचानक छत का एक हिस्सा गिर पड़ा। प्लास्टर, ईंट और मलबे के भारी टुकड़ों ने मरीज को गंभीर रूप से घायल कर दिया।
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प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा बिल्कुल अचानक हुआ और वहां मौजूद सभी लोग दहशत में आ गए। घायल मरीज के चेहरे, होठ, आंख और माथे पर गंभीर चोटें आईं। तुरंत उसे ऑपरेशन थिएटर ले जाया गया, जहां टांके लगाए गए और प्राथमिक उपचार किया गया।
अस्पताल स्टॉफ की चुप्पी सवालों के घेरे में
हादसे के बाद अस्पताल प्रशासन की ओर से कोई ठोस जवाब नहीं आया। स्टॉफ का कहना है कि “सब ठीक था”, लेकिन बिना किसी दरार या चेतावनी के छत गिरना अस्पताल की खस्ताहाल व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। गिरा हुआ मलबा इतना भारी था कि पास में रखे दो बेड और एक टेबल भी क्षतिग्रस्त हो गए।
प्रशासन का बयान और जनता की चिंता
एसएमएस अस्पताल के अधीक्षक डॉ. सुशील भाटी ने बताया, “दोनों मरीजों को तुरंत शिफ्ट कर इलाज किया गया।” लेकिन क्या केवल बयान देने भर से जिम्मेदारी खत्म हो जाती है? हर बार हादसे के बाद सिर्फ औपचारिक प्रतिक्रिया देने से क्या सिस्टम की खामियों को छिपाया जा सकता है? इस हादसे के बाद मरीजों और उनके परिजनों में दहशत फैल गई है।