राजस्थान ने सोमवार को अपने खेल इतिहास में एक यादगार पन्ना जोड़ते हुए पांचवें खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स (KIUG) राजस्थान 2025 का अद्वितीय और भव्य शुभारंभ किया। जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में आयोजित इस मेगा इवेंट ने पूरे देश की निगाहें राजस्थान की ओर खींच लीं। यह पहली बार है जब राज्य इस स्तर की मल्टी-स्पोर्ट प्रतियोगिता की मेजबानी कर रहा है। आयोजन स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI), राजस्थान सरकार, राज्य क्रीड़ा परिषद, भारतीय विश्वविद्यालय संघ (AIU) और राष्ट्रीय खेल महासंघों के तकनीकी सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। पूर्णिमा विश्वविद्यालय इस पूरे इवेंट का होस्ट विश्वविद्यालय है।
सात शहरों में 4448 खिलाड़ी, 222 विश्वविद्यालय, 23 खेल
24 नवंबर से 5 दिसंबर तक होने वाले इन प्रतियोगिताओं का आयोजन राजस्थान के सात प्रमुख शहरों जयपुर, उदयपुर, जोधपुर, कोटा, अजमेर, भरतपुर और अलवर में एक साथ किया जा रहा है। यह राज्य के खेल इतिहास का सबसे बड़ा मल्टी-सिटी और मल्टी-स्पोर्ट आयोजन है। इस बार KIUG में कुल 4448 खिलाड़ी, 222 विश्वविद्यालयों से प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और 23 पदक खेलों में मुकाबले होंगे। इस दौरान कुल 296 स्वर्ण पदक दांव पर लगे होंगे। खेलों की विविधता बढ़ाने के लिए खो-खो को इस बार डेमोंस्ट्रेशन स्पोर्ट के रूप में शामिल किया गया है। सात शहरों में फैला यह आयोजन न केवल राज्य की खेल क्षमताओं का परिचय देता है, बल्कि भविष्य में बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के लिए भी राज्य को तैयार करता है।
SMS स्टेडियम में हुआ रंगारंग उद्घाटन
जयपुर के ऐतिहासिक सवाई मानसिंह स्टेडियम में हुए उद्घाटन समारोह ने खेल भावना, संस्कृति और ऊर्जा से भरपूर माहौल तैयार किया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने हजारों दर्शकों, खिलाड़ियों और अधिकारियों की उपस्थिति में KIUG 2025 का शुभारंभ किया।
समारोह का सबसे विशेष क्षण वह रहा जब अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज अरुंधति चौधरी और कंपाउंड आर्चर राजेश चौहान ने ‘विकसित राजस्थान स्मार्ट टॉर्च’ मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री को सौंपा। यह अनूठी सोलर-पावर्ड टॉर्च अपने इन-बिल्ट कैमरे के साथ पूरे राजस्थान की यात्रा कर SMS स्टेडियम पहुंची, जहां इसका स्वागत किया गया। इसका उद्देश्य राज्य की खेल भावना और विकास दृष्टि को प्रतीकात्मक रूप से एक साथ जोड़ना है।
सीएम बोले- यह पीएम मोदी के विजन का धरातली रूप
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान को KIUG जैसे बड़े आयोजन की मेजबानी मिलना गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवा भारत के लिए जो विजन रखा है, KIUG उसी दिशा में एक मजबूत कदम है। उन्होंने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि सपने युवा शक्ति को आगे बढ़ाते हैं। जीत-हार के पार सीखने और आगे बढ़ने की क्षमता ही खेल की असली भावना है। राजस्थान खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए प्रतिबद्ध है और यह आयोजन उसी दिशा में अवसर प्रदान करता है।
केंद्रीय खेल मंत्री मंडाविया ने खिलाड़ियों को दी शुभकामनाएं
केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि KIUG जैसे आयोजन न केवल खेल स्तर को सुधारते हैं, बल्कि भविष्य के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को भी तैयार करते हैं। उन्होंने कहा कि आप सिर्फ खिलाड़ी नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों की उम्मीदें हैं। आप वह पीढ़ी हैं जो भविष्य में विश्व मंच पर तिरंगा लहराएगी। खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स आने वाले खेल नायकों की जन्मस्थली है।
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‘राजस्थान खेलों में बड़ा कदम उठा रहा है’
युवा मामले एवं खेल मंत्री और ओलंपियन कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कहा कि राजस्थान पहली बार इतनी भव्यता के साथ सात शहरों में प्रतियोगिता आयोजित कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने जिस सुरक्षित और उन्नत खेल माहौल की कल्पना की थी, KIUG उसी का प्रतिरूप है। उन्होंने कहा कि राज्य मजबूत खेल पारिस्थितिकी तंत्र तैयार करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
पिछले संस्करण में चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी रही थी शीर्ष पर
पिछला KIUG पूर्वोत्तर राज्यों में आयोजित हुआ था। उसमें चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने 28 स्वर्ण सहित 66 पदकों के साथ पहला स्थान हासिल किया था। लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी दूसरे और गुरु नानक देव विश्वविद्यालय तीसरे स्थान पर रहे थे। उस संस्करण में आठ नए रिकॉर्ड एथलेटिक्स में बने थे।
खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स का उद्देश्य
KIUG युवाओं की प्रतिभा को पहचानने, उन्हें राष्ट्रीय मंच देने और भविष्य के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को तैयार करने का सबसे बड़ा प्लेटफॉर्म है। यह आयोजन विश्वविद्यालय स्तर के खेलों को नई दिशा देने में निरंतर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।