राजस्थान की सियासत में आरोप-प्रत्यारोप का दौर एक बार फिर तेज हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) प्रमुख हनुमान बेनीवाल और भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं मंत्री किरोड़ी लाल मीणा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि दोनों नेताओं ने उनकी सरकार गिराने की कोशिश की थी।
‘हेलिकॉप्टर से घूमकर रची गई साजिश’
गहलोत ने अपने बयान में कहा कि बेनीवाल और मीणा उस समय सरकार गिराने की साजिश में सक्रिय थे और हेलिकॉप्टर से प्रदेश में घूम-घूमकर राजनीति कर रहे थे। उन्होंने तंज कसा कि दोनों नेता उस दौर में दोस्त थे और सरकार गिराने की कोशिशों में बराबर के साझेदार बने। गहलोत ने यह भी इशारा किया कि इन प्रयासों में पैसों की चर्चाएं भी हुई थीं, लेकिन उन्होंने इस पर विस्तार से बोलने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार बच गई, यही बड़ी बात है।
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मीणा ने किया पलटवार
गहलोत के आरोपों पर किरोड़ी लाल मीणा ने कड़ा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि गहलोत खुद अपनी सरकार गिराने के असली सूत्रधार थे। मीणा के अनुसार गहलोत ने अपने ही विधायकों के अधिकारों पर डाका डाला, जिससे बगावत हुई। उन्होंने दावा किया कि गहलोत की सरकार जनता की नजरों में उसी दिन गिर गई थी, जब युवाओं के सपनों का सौदा नकल माफिया से किया गया और भ्रष्टाचार शासन का हिस्सा बना दिया गया।
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पेपर लीक मामले पर भी साधा निशाना
मीणा ने आगे आरोप लगाया कि गहलोत सरकार ने पेपर लीक मामले में सबूत होने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की। उल्टे दोषियों को संरक्षण दिया गया। उनका कहना था कि युवाओं की मेहनत और सपनों से खिलवाड़ हुआ और यही सरकार के खिलाफ सबसे बड़ा आक्रोश बना। मीणा ने कहा कि जनता ने मौका मिलते ही हिसाब चुकता कर दिया और गहलोत को विपक्ष में बैठा दिया।