जयपुर में वीजा अवधि खत्म होने पर थाईलैंड की नौ और लाओस की एक युवती को डिपोर्ट किया गया। वहीं, भाजपा विधायक प्रताप सिंह सिंघवी के घर चोरी की जांच जारी है। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने बच्चों की सुरक्षा और अपराध रोकने के उपायों की समीक्षा की।
जयपुर। राजधानी जयपुर में गुरुवार को कई अहम खबरें सामने आईं। वीजा अवधि खत्म होने और वैध दस्तावेज नहीं होने पर 10 विदेशी युवतियों को उनके देश वापस भेजा गया। वहीं, सिविल लाइंस में पूर्व मंत्री और भाजपा विधायक प्रताप सिंह सिंघवी के घर चोरी की वारदात की जांच जारी है। दूसरी ओर, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने बच्चों के खिलाफ अपराध रोकने और बाल संरक्षण की व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
जयपुर में अवैध रूप से रह रहीं 10 विदेशी युवतियां डिपोर्ट
जयपुर में वैध दस्तावेज नहीं होने और वीजा अवधि समाप्त होने के बावजूद भारत में रह रहीं 10 विदेशी युवतियों को उनके मूल देश भेज दिया गया। इनमें नौ थाईलैंड और एक लाओस की निवासी है। जांच में एक युवती के नेपाल के रास्ते गैरकानूनी तरीके से भारत आने की जानकारी भी सामने आई है।
अधिकारी अब उन एजेंटों, बिचौलियों और स्थानीय मददगारों की पहचान में जुटे हैं, जिन्होंने कथित तौर पर युवतियों को भारत में प्रवेश कराने, ठहराने और रोजगार दिलाने में मदद की। विदेशी पंजीकरण अधिकारी धर्मेंद्र सागर के अनुसार, जयपुर शहर से इस साल अब तक नियमों का उल्लंघन करने वाले 69 विदेशी नागरिकों को उनके देश वापस भेजा जा चुका है।
जयपुर में भाजपा विधायक प्रताप सिंह सिंघवी के घर चोरी
सिविल लाइंस इलाके में पूर्व मंत्री और भाजपा विधायक प्रताप सिंह सिंघवी के निजी आवास पर बुधवार देर रात चोरी हुई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, चोर घर से करीब डेढ़ लाख रुपये नकदी और आर्टिफिशियल आभूषण लेकर फरार हो गया। वारदात के समय घर में करीब 12 लोग मौजूद थे, लेकिन किसी को इसकी भनक नहीं लगी।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज में एक संदिग्ध व्यक्ति घर में प्रवेश करता दिखाई दे रहा है। साक्ष्य जुटाने के लिए एफएसएल टीम को भी बुलाया गया। पुलिस संदिग्ध की पहचान करने और चोरी से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच में जुटी है।
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जयपुर में बच्चों की सुरक्षा और अपराध रोकने के उपायों की समीक्षा
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने गुरुवार को सचिवालय में बच्चों के खिलाफ अपराधों की रोकथाम, पॉक्सो मामलों की जांच और पीड़ित बच्चों को सुरक्षा व पुनर्वास सेवाएं उपलब्ध कराने से जुड़ी व्यवस्थाओं की समीक्षा की। बैठक में संबंधित विभागों के बीच समन्वय, जांच और अभियोजन की प्रक्रिया तथा बाल संरक्षण योजनाओं के क्रियान्वयन पर चर्चा हुई।
बैठक में बाल श्रम, बाल विवाह, मानव तस्करी और गुमशुदा बच्चों से जुड़े मामलों की रोकथाम के प्रयासों की भी जानकारी ली गई। यह समीक्षा दो नवंबर को नई दिल्ली में प्रस्तावित संसदीय स्थायी समिति की बैठक की तैयारियों के सिलसिले में हुई।