राजस्थान की राजधानी जयपुर में दो लोकसभा सीटें हैं। पहली जयपुर शहरी और दूसरी जयपुर ग्रामीण सीट हैं। जयपुर ग्रामीण सीट पर भाजपा के राव राजेंद्र सिंह और कांग्रेस युवा नेता अनिल चोपड़ा के बीच टक्कर हुई है। दोनों पार्टियों के प्रत्याशियों की किस्मत ईबीएम में कैद है, चार जून को इसका नतीजा सामने आएगा।
जयपुर ग्रामीण सीट की बात करें तो भाजपा प्रत्याशी राव राजेंद्र सिंह और कांग्रेस के युवा नेता अनिल चोपड़ा के बीच मुकाबला हुआ है। पिछले दो चुनाव 2014 और 2019 में भाजपा नेता कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ यहां से चुनाव जीतकर सांसद बने थे। 2014 में राठौड़ ने कांग्रेस नेता सीपी जोशी को 3 लाख से अधिक मतों से हराया था। वहीं, 2019 के चुनाव में राठौड़ ने कांग्रेस की कृष्णा पूनिया को करीब पांच लाख वोटों से मात दी थी। इससे पहले 2009 में हुए लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के लाल चंद कटारिया चुनाव जीते थे, उन्होंने भाजपा प्रत्याशी रहे राव राजेंद्र सिंह को करीब 50 हजार मतों से हराया था।
विधानसभा में बराबरी का रहा था मुकाबला
जयपुर ग्रामीण लोकसभा सीट पर भाजपा और कांग्रेस में मुकाबला है। विधानसभा चुनाव में भी यहां भाजपा और कांग्रेस के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली थी। जयपुर ग्रामीण की आठ लोकसभा सीट में से 4 कांग्रेस और 4 भाजपा ने जीतीं थी।
किसे क्या फायदा मिला?
भाजपा प्रत्याशी राव राजेंद्र सिंह को पार्टी के मजबूत कैडर और राम मंदिर के मुद्दे पर जनता का समर्थन मिला। वहीं, कांग्रेस उम्मीदवार अनिल चोपड़ा को युवा और नए चेहरे का फायदा मिलता नजर आया। इसके अलावा जातीय समीकरण भी चोपड़ा के पक्ष में रहे।