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जयपुर: डिजिटल अरेस्ट का डर, आतंकी फंडिंग का आरोप और करोड़ों की ठगी! बुजुर्ग दंपती को लूटने वाला आरोपी गिरफ्तार

Fri, 16 Oct 2026 10:37 AM IST
आशुतोष प्रताप सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

जयपुर में बुजुर्ग दंपती से दो करोड़ रुपये से अधिक की साइबर ठगी के मामले में सेंट्रल साइबर पुलिस स्टेशन ने बाड़मेर निवासी तगाराम को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, ठगों ने खुद को केंद्रीय जांच एजेंसियों का अधिकारी बताकर दंपती को आतंकी फंडिंग के झूठे आरोप और डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाया था।
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(प्रतीकात्मक फोटो) - फोटो : ANI
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विस्तार
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राजस्थान की राजधानी जयपुर में बुजुर्ग दंपती से दो करोड़ रुपये से अधिक की साइबर ठगी के मामले में सेंट्रल साइबर पुलिस स्टेशन ने बाड़मेर से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान तगाराम के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, साइबर ठगों ने बुजुर्ग दंपती को डिजिटल अरेस्ट और आतंकी फंडिंग के मामले में फंसाने का डर दिखाकर इतनी बड़ी रकम अपने खातों में ट्रांसफर करवा ली थी। तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस ने आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार किया। इस मामले में अब तक कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।

डिजिटल अरेस्ट और आतंकी फंडिंग का डर दिखाकर ठगे दो करोड़ रुपये

सेंट्रल साइबर पुलिस स्टेशन के अनुसार, ठगों ने सुनियोजित तरीके से बुजुर्ग दंपती को अपना निशाना बनाया था। आरोपियों ने खुद को केंद्रीय जांच एजेंसियों का वरिष्ठ अधिकारी बताकर फोन किया। इसके बाद दंपती पर आतंकी फंडिंग में शामिल होने का झूठा आरोप लगाया और गंभीर कानूनी कार्रवाई की धमकी दी।

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ठगों ने दंपती को डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर लगातार दबाव बनाया। उन्होंने मुकदमे से बचाने और कानूनी कार्रवाई रोकने के नाम पर अलग-अलग बैंक खातों में रुपये जमा कराने को कहा। कानूनी कार्रवाई के डर से बुजुर्ग दंपती ने आरोपियों के बताए खातों में दो करोड़ रुपये से अधिक की रकम ट्रांसफर कर दी।

ठगी की रकम का बड़ा हिस्सा तगाराम के खाते में हुआ जमा

ठगी का पता चलने के बाद पीड़ितों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। इसके आधार पर सेंट्रल साइबर पुलिस स्टेशन ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच टीम ने संदिग्ध बैंक खातों में हुए लेनदेन और डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल की।
पुलिस जांच में सामने आया कि ठगी की रकम का एक बड़ा हिस्सा बाड़मेर निवासी तगाराम के बैंक खाते में जमा हुआ था। आरोप है कि तगाराम ने आर्थिक लाभ के बदले अपना बैंक खाता साइबर अपराधियों को इस्तेमाल करने के लिए दिया था। साक्ष्य जुटाने के बाद पुलिस टीम ने बाड़मेर में दबिश दी और तगाराम को हिरासत में लेकर पूछताछ की। इसके बाद उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया।

अब तक चार आरोपी गिरफ्तार, मुख्य सरगना की तलाश जारी

पुलिस इस मामले में अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। पूछताछ के दौरान आरोपियों से साइबर ठगी के नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों और उनके बैंक खातों के बारे में अहम सुराग मिलने की बात सामने आई है।

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पुलिस की विशेष टीमें गिरोह के मुख्य सरगना और अन्य सहयोगियों की तलाश में अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर रही हैं। इसके साथ ही पीड़ित बुजुर्ग दंपती की ठगी गई रकम में से अधिकतम राशि वापस दिलाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। पुलिस मामले से जुड़े अन्य वित्तीय लेनदेन और आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।

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