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'सरकार की अनदेखी शर्मनाक': मूक-बधिर छात्रों के धरने पर भड़की कांग्रेस, पायलट-डोटासरा और गहलोत ने साधा निशाना

Wed, 05 Aug 2026 04:47 PM IST
हिमांशु सिंह बघेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

जयपुर के राजकीय सेठ आनंदीलाल पोद्दार सीनियर सेकेंडरी स्कूल फॉर द डेफ के मूक-बधिर छात्र अपनी छह मांगों को लेकर धरने पर बैठ गए। छात्रों ने विद्यालय की बदहाल स्थिति, शिक्षकों की कमी और अन्य समस्याओं को लेकर विरोध जताया। मामले पर कांग्रेस नेता सचिन पायलट और गोविंद सिंह डोटासरा ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए तत्काल जांच और समाधान की मांग की।

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कांग्रेस का हमला - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जयपुर स्थित राजकीय सेठ आनंदीलाल पोद्दार सीनियर सेकेंडरी स्कूल फॉर द डेफ से भावुक करने वाला मामला सामने आया है, जहां मूक-बधिर छात्र अपनी छह मांगों को लेकर स्कूल के बाहर धरने पर बैठ गए। इस दौरान छात्रों ने हाथों के इशारों और तख्तियों के जरिए अपनी समस्याएं प्रशासन तक पहुंचाईं। इस मामले को लेकर कांग्रेस नेता सचिन पायलट और गोविंद सिंह डोटासरा ने सरकार पर जमकर निशाना साधा।

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सचिन पायलट बोले- सरकार संज्ञान लेकर समाधान निकाले
कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने मामले पर नाराजगी जताते हुए कहा कि जयपुर में संचालित राजकीय सेठ आनंदीलाल पोद्दार मूक-बधिर विद्यालय मूक-बधिर विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सकारात्मक माहौल प्रदान करने के लिए अपनी विशिष्ट पहचान बनाए हुए है। लेकिन सरकार की अनदेखी के कारण यदि इन विद्यार्थियों को अपनी मांगों के संदर्भ में मजबूरन सड़क पर उतरना पड़े, तो यह बेहद शर्मनाक और दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है।
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बदहाल स्थिति गंभीर चिंता का विषय
आगे सचिन पायलट ने कहा कि विद्यालय के जर्जर भवन, प्रशिक्षित शिक्षकों की कमी सहित अन्य समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर छात्र धरने पर बैठने के लिए मजबूर हैं। आजादी से पहले स्थापित इस विद्यालय का गौरवशाली इतिहास और विशेष महत्व रहा है, लेकिन इसकी बदहाल स्थिति गंभीर चिंता का विषय है। सरकार को इस मामले का संज्ञान लेकर उचित समाधान निकालना चाहिए।



गोविंद सिंह डोटासरा बोले- व्यवस्था पूरी तरह गूंगी हो चुकी है
नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने चिंता जताते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि अगर जो बच्चे सुन नहीं सकते और बोल नहीं सकते, उन्हें भी न्याय के लिए सड़क पर बैठना पड़े, तो समझिए कि मूक-बधिर बच्चे नहीं हैं, बल्कि प्रदेश की संवेदनहीन भाजपा सरकार है, जिसका प्रशासन बहरा और व्यवस्था पूरी तरह गूंगी हो चुकी है। यह राजस्थान की जनता का दुर्भाग्य है कि मूक-बधिर बच्चों को भी अपने अधिकारों के लिए सड़क पर धरने पर बैठना पड़ रहा है। आखिर भाजपा सरकार ने शिक्षा व्यवस्था का क्या हाल कर दिया है?
 

डोटासरा ने सरकार से पूछे तीखे सवाल
डोटासरा ने कहा कि जयपुर के राजकीय सेठ आनंदीलाल पोद्दार सीनियर सेकेंडरी स्कूल फॉर द डेफ के छात्र-छात्राएं हॉस्टल की बदहाली, खराब शिक्षण व्यवस्था और गंभीर उत्पीड़न के आरोपों को लेकर सड़क पर बैठे हैं। सरकार के लिए इससे बड़ी विफलता और शर्मनाक बात क्या हो सकती है? सरकार जवाब दे कि क्या उसकी जिम्मेदारी सिर्फ प्रचार और झूठी बयानबाजी करना है, या प्रदेश के दिव्यांग बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा सुनिश्चित करना भी है? हमारी मांग है कि सरकार तत्काल जांच कराए और दोषियों पर कठोर कार्रवाई करे। बच्चों की सुरक्षा और सम्मान पर कोई समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

गहलोत ने की मुलाकात

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गहलोत ने मुलाकात के बाद कहा कि जयपुर के आनंदीलाल पोद्दार मूक बधिर विद्यालय पहुंचकर अपनी जायज मांगों को लेकर धरना दे रहे मूक-बधिर विद्यार्थियों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को जाना। यह बेहद दुखद है कि इन बच्चों को अपनी व्यथा बताने के लिए प्रदर्शन करने को मजबूर होना पड़ा। 45 साल पहले जब मैं जोधपुर से पहली बार सांसद बना तब मैंने एक संस्था बनाकर वहां गांधी मूक-बधिर स्कूल शुरू किया जो अब कॉलेज बन चुका है इसलिए मैं इनकी समस्याओं को भली भांति समझ सकता हूं। मैं मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा से मांग करता हूं कि एक विशेष टीम भेजकर इन बच्चों की समस्याओं का समाधान करवाएं जिससे ये बच्चे अच्छे से पढ़ाई कर सकें।
 

 

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