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जयपुर: नगर निगम की उद्यान शाखा का कारनामा; 35 कार्यक्रमों में पहना दी 17 लाख की फूल-मालाएं

Mon, 26 Oct 2026 04:10 PM IST
सौरभ भट्ट न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

जयपुर नगर निगम की उद्यान शाखा में आठ महीने के दौरान 35 कार्यक्रमों के लिए एक ही फर्म से 17 लाख रुपये से ज्यादा की फूल-मालाएं खरीदने पर सवाल उठे हैं। आरोप है कि कम मेहमानों वाले कार्यक्रमों में भी सैकड़ों मालाएं खरीदी गईं और दरें बाजार भाव से करीब दोगुनी थीं।
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जयपुर नगर निगम - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जयपुर नगर निगम की उद्यान शाखा में फूल-मालाओं की खरीद को लेकर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि आठ महीनों के दौरान शिलान्यास, उद्घाटन और दूसरे आयोजनों में अधिकारियों व अतिथियों के स्वागत के लिए 17 लाख रुपये से ज्यादा की फूल-मालाएं खरीदी गईं। कई कार्यक्रमों में मेहमानों की संख्या महज पांच से दस थी, जबकि खरीद के रिकॉर्ड में 400 तक मालाएं दर्ज हैं। कुछ आयोजनों के लिए 100 से 700 तक मालाएं खरीदे जाने का ब्योरा सामने आया है।

35 कार्यक्रमों में एक ही फर्म से खरीद

खरीद के ब्योरे के अनुसार, नगर निगम ने 35 मौकों पर फ्लोरीना एंटरप्राइजेज नाम की एक ही फर्म से फूल-मालाएं खरीदीं। आरोप है कि इनकी दरें बाजार भाव से करीब दोगुनी थीं। अलग-अलग कार्यक्रमों में मालाओं की कीमतों में भी अंतर रहा।

इन आयोजनों में विकास कार्यों के शिलान्यास और उद्घाटन, वाहनों को हरी झंडी दिखाने, अधिकारियों-कर्मचारियों के सेवानिवृत्ति समारोह, बधाई कार्यक्रम, जोन स्तर की जनसुनवाई और स्वतंत्रता दिवस पर जोन कार्यालयों में हुए आयोजन शामिल हैं।

गुलाब से मोगरे के गजरे तक खरीदे

पिछले साल जून से इस साल फरवरी तक निगम ने फर्म से कई तरह की फूल सामग्री खरीदी। इसमें गुलाब की पत्तियां, हरी पत्तों की मालाएं, गुलाब, हजारे और नौरंगा की मालाएं, हजारे-गुलाब-मोगरे के गजरे, फूलों के बंच, साधारण और स्पेशल बुक्के, बास्केट और रोज स्टिक शामिल हैं।

उपलब्ध ब्योरे के अनुसार, केवल बुक्कों और बास्केट पर ही दो लाख रुपये से ज्यादा खर्च किए गए।

करीब 17 लाख रुपये के भुगतान को मंजूरी

उद्यान शाखा के अधिकारियों ने फर्म के करीब 17 लाख रुपये के भुगतान को मंजूरी दी है। खरीद की मात्रा, आयोजनों में मालाओं की जरूरत और अलग-अलग दरों को लेकर अब सवाल उठ रहे हैं।

पहले भी विवादों में रही है उद्यान शाखा

नगर निगम की उद्यान शाखा पहले भी भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों को लेकर चर्चा में रही है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) यहां कई बार कार्रवाई कर चुका है। शाखा से जुड़े कुछ मामले अब भी एसीबी में लंबित बताए गए हैं। फूल-मालाओं की ताजा खरीद का मामला सामने आने के बाद शाखा की खरीद प्रक्रिया और भुगतान को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो रहे हैं।

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इनका कहना है
नगर निगम के महापौर सुनील कोठारी का कहना है कि इस  मामले में उन्होंने तथ्यात्मक रिपोर्ट मंगवाई है। उन्होंने कहा कि एक बार पूरा प्रकरण देखने के बाद अगर इसमें कोई गड़बड़ी है तो कार्रवाई की जाएगी। 

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