भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी ने रविवार को राजधानी जयपुर स्थित शहीद स्मारक पर जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन राज्य में दलितों और वंचितों पर बढ़ते अत्याचारों और अन्याय के खिलाफ किया गया। भीम आर्मी के प्रदेश प्रभारी अनिल कुमार घेनवाल ने आंदोलन का नेतृत्व किया और सरकार से 12 सूत्रीय मांगें रखते हुए त्वरित कार्रवाई की मांग की।
मीडिया से बातचीत के दौरान घेनवाल ने कहा कि राजस्थान में दलितों और वंचित समाज के खिलाफ अत्याचार के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। उन्होंने बताया कि दलितों को घोड़ी चढ़ने, मूंछ रखने, पानी छूने जैसे मामूली कारणों पर हिंसा का शिकार बनाया जा रहा है। कई बार तो इन घटनाओं में हत्या तक कर दी जाती है।
उन्होंने कहा कि सरकार कब तक जातिवादी व्यवस्था का शिकार होने वाले दलितों और वंचितों की समस्याओं को अनदेखा करेगी? भू-माफियाओं द्वारा दलितों की जमीनों पर अवैध कब्जे की घटनाएं बढ़ रही हैं। सरकार को इसके लिए सख्त कानून बनाना चाहिए ताकि हमारे समाज को संरक्षित किया जा सके।
भीम आर्मी ने भाजपा सरकार की सामाजिक नीति को आड़े हाथों लिया। प्रदेश प्रभारी घेनवाल ने कहा कि सरकार दलितों, पिछड़ों और वंचितों के अधिकारों की रक्षा करने में पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की नीतियां हमेशा सामाजिक न्याय विरोधी रही हैं।
सरकार के सामने अपनी 12 सूत्री मांगें रखते हुए उन्होंने कहा कि SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत मामलों की निष्पक्ष सुनवाई के लिए विशेष अदालतों का गठन हो, बिना उचित जांच के SC/ST मामलों को बंद करने की पुलिस की प्रवृत्ति पर रोक लगे, अत्याचार पीड़ितों को समय पर मुआवजा और वित्तीय सहायता मिले, SC/ST मामलों में अपराधियों की तुरंत गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए, दबंगों द्वारा दलितों की जमीनों पर अवैध कब्जे की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई हो, राज्य में जातिगत जनगणना कराई जाए ताकि दलितों की वास्तविक सामाजिक और आर्थिक स्थिति को समझा जा सके, SC/ST छात्रों को बिना भ्रष्टाचार के समय पर स्कॉलरशिप मिले, घोड़ी चढ़ने और बारात रोकने जैसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई की जाए, सरकारी स्कूलों में SC/ST बच्चों के साथ भेदभाव खत्म करने के लिए जागरूकता अभियान चलाए जाएं, SC/ST समुदाय के बच्चों की शिक्षा सुनिश्चित की जाए, पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाने के लिए अनुसूचित जाति आयोग को वैधानिक दर्जा दिया जाए, सफाई कर्मचारियों की भर्ती में वाल्मीकि समाज को विशेष प्राथमिकता दी जाए।
अनिल घेनवाल ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इन मांगों पर सरकार ने जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए, तो भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी प्रदेश के हर जिले में बड़े आंदोलन करेगी।
इस प्रदर्शन के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया लेकिन आंदोलनकारियों ने विरोध प्रदर्शन जारी रखा। इस बीच भीम आर्मी ने साफ कर दिया है कि जब तक दलितों और वंचितों के खिलाफ हो रहे अत्याचार बंद नहीं होंगे और उन्हें न्याय नहीं मिलेगा, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।