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राजस्थान: जयपुर में अवैध रूप से रह रहीं 10 विदेशी युवतियां डिपोर्ट, नौ थाईलैंड और एक लाओस की निवासी

Thu, 29 Oct 2026 11:26 AM IST
आशुतोष प्रताप सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

राजस्थान की राजधानी जयपुर में वैध दस्तावेजों के अभाव और वीजा की अवधि समाप्त होने के बाद भी भारत में रह रहीं 10 विदेशी युवतियों को उनके मूल देश वापस भेज दिया गया है।
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(प्रतीकात्मक फोटो) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजस्थान की राजधानी जयपुर में वैध दस्तावेज नहीं होने और वीजा की अवधि समाप्त होने के बावजूद भारत में रह रहीं 10 विदेशी युवतियों को उनके देश वापस भेज दिया गया है। डिपोर्ट की गई युवतियों में नौ थाईलैंड और एक लाओस की रहने वाली है। जांच में यह भी सामने आया है कि इनमें से एक युवती नेपाल के रास्ते गैरकानूनी तरीके से भारत में दाखिल हुई थी। पुलिस और संबंधित सुरक्षा एजेंसियां अब उन एजेंटों, बिचौलियों और स्थानीय मददगारों की पहचान करने में जुटी हैं, जिन्होंने कथित तौर पर युवतियों को भारत में प्रवेश कराने, यहां ठहराने और रोजगार दिलाने में मदद की थी। इस कार्रवाई के बाद स्पा सेंटरों, मसाज पार्लरों, होटलों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में विदेशी नागरिकों के दस्तावेजों की जांच तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।

अवैध प्रवास पर कार्रवाई, इस साल 69 विदेशी नागरिक डिपोर्ट

विदेशी पंजीकरण अधिकारी धर्मेंद्र सागर ने बताया कि इन युवतियों के पास वैध दस्तावेज नहीं थे। वीजा की अवधि समाप्त होने के बाद भी वे भारत में अनधिकृत रूप से रह रही थीं। इसी आधार पर उन्हें उनके मूल देश वापस भेजने का निर्णय लिया गया। अधिकारियों के अनुसार, जयपुर शहर से चालू वर्ष में अब तक नियमों का उल्लंघन करने वाले कुल 69 विदेशी नागरिकों को उनके देश वापस भेजा जा चुका है। प्रशासन अब अवैध प्रवास से जुड़े मामलों में उन लोगों की भूमिका की भी जांच कर रहा है, जो विदेशी नागरिकों को ठहरने के लिए जगह उपलब्ध कराते हैं या उन्हें अनधिकृत रूप से रोजगार दिलाने में मदद करते हैं।

स्पा सेंटरों, मसाज पार्लरों और होटलों से पकड़ी गईं युवतियां

पुलिस की अलग-अलग टीमों ने इन विदेशी युवतियों को जयपुर के विभिन्न इलाकों में स्थित स्पा सेंटरों, मसाज पार्लरों, होटलों और अन्य स्थानों से पकड़ा था। कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने उनके भारत में प्रवेश, यहां ठहरने और रोजगार प्राप्त करने से संबंधित दस्तावेजों की गहन जांच की। पुलिस को आशंका है कि कुछ दलाल और बिचौलिए विदेशी युवतियों को भारत लाने और यहां काम दिलाने के नाम पर गिरोह के रूप में सक्रिय थे। एजेंसियां अब इस नेटवर्क से जुड़े लोगों और संभावित सहयोगियों की पहचान करने का प्रयास कर रही हैं। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि युवतियों को भारत लाने से लेकर उन्हें अलग-अलग स्थानों पर ठहराने और रोजगार दिलाने तक में किन लोगों की भूमिका रही।

युवतियों के पासपोर्ट अपने कब्जे में रखते थे दलाल

जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि कुछ दलाल विदेशी युवतियों के यहां पहुंचने के तुरंत बाद उनके पासपोर्ट अपने कब्जे में रख लेते थे। एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि युवतियों के पासपोर्ट किसने और किन परिस्थितियों में अपने पास रखे थे। यह भी जांच की जा रही है कि कहीं पासपोर्ट अपने कब्जे में रखने का इस्तेमाल युवतियों पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए तो नहीं किया जा रहा था। इसके अलावा, नेपाल के रास्ते एक युवती के कथित अवैध प्रवेश से जुड़े मामले की भी बारीकी से जांच की जा रही है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि युवती को सीमा पार कराने में किसकी भूमिका थी और इस प्रक्रिया में कोई संगठित नेटवर्क शामिल था या नहीं।

स्पा संचालकों, होटल मालिकों और मकान मालिकों को चेतावनी

इस कार्रवाई के बाद प्रशासन ने स्पा सेंटरों, मसाज पार्लरों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में काम करने वाले विदेशी नागरिकों के वीजा और वर्क परमिट की जांच तेज करने के निर्देश दिए हैं। शहर के होटल संचालकों और मकान मालिकों को भी विदेशी नागरिकों को ठहराने से संबंधित कानूनी नियमों का सख्ती से पालन करने की चेतावनी दी गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वीजा की अवधि समाप्त होने के बाद किसी विदेशी नागरिक को अपने यहां ठहराने या उसके रहने की जानकारी पुलिस से छिपाने का मामला सामने आने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि अवैध प्रवास से जुड़े मामलों में विदेशी नागरिकों की मदद करने वाले एजेंटों, बिचौलियों और स्थानीय सहयोगियों की भूमिका की भी जांच जारी रहेगी।

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