राजस्थान के खैरथल-तिजारा जिले में जरौली थाना पुलिस ने नकली सोने की ईंटें बेचकर जायरीनों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें तीन पिता-पुत्र की जोड़ियां भी शामिल हैं। आरोपी अजमेर दरगाह आने वाले जायरीनों को घर या मकान की नींव की खुदाई में सोने की ईंटें मिलने की झूठी कहानी सुनाकर अपने जाल में फंसाते थे। इसके बाद पीतल की ईंट पर असली सोने का टुकड़ा लगाकर उसे सोना बताकर बेच देते थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से ठगी के सात लाख रुपये नकद, पीतल की चार ईंटें, एक बोलेरो और एक कार बरामद की है। भिवाड़ी पुलिस अधीक्षक बृजेश ज्योति उपाध्याय के अनुसार, यह गिरोह 'टटलूबाजी' के जरिए आंध्र प्रदेश और गुजरात के लोगों को निशाना बनाता था। आरोपी सस्ती कीमत पर सोने की ईंटें देने का लालच देकर लोगों से मोटी रकम ऐंठते थे। पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है।
पीतल की ईंट पर असली सोने का टुकड़ा लगाकर करते थे ठगी
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह के बदमाश अजमेर दरगाह आने वाले जायरीनों से पहले जान-पहचान बढ़ाते थे। इसके बाद वे अपने घर या मकान की नींव की खुदाई में सोने की ईंटें मिलने की कहानी सुनाते थे। लोगों का भरोसा जीतने के लिए आरोपी पीतल की ईंट के एक हिस्से में असली सोने का टुकड़ा लगा देते थे। जब खरीदार ईंट की जांच कराने की बात कहता, तो आरोपी उसे उसी हिस्से से काटकर सोने का टुकड़ा दे देते थे। सुनार की जांच में सोना असली निकलने पर खरीदार को पूरी ईंट के सोने की होने का भरोसा हो जाता था। इसके बाद आरोपी करीब दो करोड़ रुपये मूल्य की ईंट का सौदा 60 लाख से 90 लाख रुपये तक में तय करते थे। वे एडवांस और बाकी रकम नकद लेने के बाद खरीदार को पीतल की ईंटें थमा देते थे। ठगी का पता चलने पर जब पीड़ित रुपये वापस मांगते, तो आरोपी उन्हें जान से मारने की धमकी देते थे।
आंध्र प्रदेश की महिला से 10.40 लाख रुपये की ठगी
ठगी का एक मामला आंध्र प्रदेश के अनंतपुर की महिला से जुड़ा है। महिला करीब तीन महीने पहले अजमेर दरगाह आई थी। वहां उसकी पहचान गिरोह के आरोपी इदरीश से हुई। बातचीत बढ़ने के बाद आरोपियों ने महिला को बताया कि उनके घर की खुदाई में सोने की ईंटें मिली हैं। उन्होंने पैसों की जरूरत का हवाला देकर महिला को ईंट सस्ते में बेचने का प्रस्ताव दिया।
गुजरात के युवक को भी सोने की ईंट के नाम पर लगाया चूना
गिरोह ने गुजरात के अहमदाबाद निवासी एक युवक को भी अपना शिकार बनाया। युवक अजमेर दरगाह आया था। वहां चाय की थड़ी पर उसकी पहचान असपाक और साकिर से हुई। आरोपियों ने वीडियो कॉल के जरिए युवक को सोने की ईंट दिखाई और बताया कि यह मकान की नींव की खुदाई में मिली है। उन्होंने बेटियों की शादी के लिए पैसों की जरूरत बताकर ईंट सस्ते में बेचने का झांसा दिया।
आरोपी युवक को पहले तिजारा और फिर बिलासपुर बुलाकर ले गए। वहां दो करोड़ रुपये मूल्य की ईंट का सौदा 90 लाख रुपये में तय किया गया। युवक को भी जांच के लिए असली सोने का टुकड़ा दिया गया, जिससे उसे आरोपियों पर भरोसा हो गया। इसके बाद 24 अक्तूबर को अलवर के अस्पताल के पास सौदा 60 लाख रुपये में तय हुआ। युवक ने आरोपियों को तीन लाख रुपये एडवांस दिए। बाद में जयपुर में ईंट की जांच कराने पर उसके पीतल का होने का पता चला। रुपये वापस मांगने पर आरोपियों ने युवक को धमकी दी।
तीन पिता-पुत्र की जोड़ियों समेत 10 आरोपी गिरफ्तार
पुलिस अधीक्षक बृजेश ज्योति उपाध्याय के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में खैरथल-तिजारा निवासी इदरीश (50) और उसका बेटा साहिल (22), मुबीन (53) और उसका बेटा अरमान (21), इलियास (60) और उसका बेटा सलीम (30) शामिल हैं। इनके अलावा शरीफ (63), मुबीन (53), असपाक (32) और साकिर (33) को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस की ओर से जारी नामों में मुबीन का नाम दो बार दर्ज है। पुलिस के मुताबिक, गिरोह के सदस्य अजमेर में जायरीनों को अपने जाल में फंसाते थे और फिर उन्हें अलवर तथा तिजारा के ग्रामीण इलाकों में बुलाकर ठगी की वारदात को अंजाम देते थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ठगी के सात लाख रुपये नकद, पीतल की चार ईंटें, एक बोलेरो और एक कार बरामद की है। मामले में आगे का अनुसंधान जारी है।