बाड़मेर पुलिस ने 20 करोड़ रुपए के बीमा फर्जीवाड़े का पर्दाफाश करते हुए मास्टर माइंड सताराम पुत्र देरामाराम जाट निवासी रावतसर को जयपुर से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी विदेश भागने की तैयारी में था।
एसपी नरेंद्र सिंह मीना ने बताया कि सताराम अपने नाम या परिचितों के नाम पर महंगे ट्रक और ट्रेलर खरीदता था। इसके बाद गुड़ामालानी, बायतू, पचपदरा, जसोल, सिणधरी, आसोप, सेन्दड़ा और जैतारण सहित कई थानों में वाहन चोरी की झूठी रिपोर्ट दर्ज करवा देता था। इन रिपोर्टों के आधार पर बीमा कंपनियों से करोड़ों रुपए का क्लेम उठाया जाता था।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि चोरी दिखाए गए वाहनों का अरुणाचल प्रदेश में नया रजिस्ट्रेशन करवाकर नए नंबर प्लेट के साथ तेल कंपनियों में किराए पर चलाया जाता था। कई मामलों में वाहन मौजूद ही नहीं थे और फर्जी कागजात के सहारे क्लेम लिया गया। कुछ गाड़ियों को जलाकर भी कंपनियों को धोखा दिया गया।
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यह गिरोह राजस्थान के अलावा दिल्ली और गुजरात में भी सक्रिय था। महंगी गाड़ियां जैसे टोयोटा हाईलक्स फाइनेंस पर लेकर बीमा क्लेम के बाद डोडा तस्करों को बेच दी जाती थीं। 7 अगस्त को गुड़ामालानी थाने में दर्ज एक झूठी ट्रक चोरी की एफआईआर मामले में पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। इस बीच वह अपनी बेटी को लेकर जयपुर आया और वीजा बनवाने की कोशिश कर रहा था, तभी पुलिस ने उसे दबोच लिया अब तक तीन ऐसे वाहन जब्त किए जा चुके हैं, जिनकी चोरी की फर्जी रिपोर्ट दर्ज कराकर उन्हें अरुणाचल प्रदेश में री-रजिस्टर करवाया गया था।
पुलिस ने इस पूरे मामले की जानकारी आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय को भेज दी है, ताकि सताराम की अवैध संपत्ति की जांच कर जब्ती की कार्रवाई की जा सके। इस घोटाले का भंडाफोड़ करने के लिए एसपी मीना ने विशेष टीम बनाई थी। वृत्ताधिकारी सुखाराम के सुपरविजन और गुड़ामालानी एसएचओ देवीचंद ढाका के नेतृत्व में एसआई जयकिशन, एएसआई हनुमानराम, हेड कांस्टेबल कमलसिंह और अन्य पुलिसकर्मियों ने गहन जांच कर यह कार्रवाई की। फिलहाल पुलिस सताराम के साथियों हनुवंत सिंह, जोगेंद्र चौधरी, मोहनराम, विशनाराम, चिमन सिंह, मांगीलाल, देवाराम और शेराराम की तलाश कर रही है, जिन्होंने फर्जी रिपोर्ट दर्ज कराने में उसकी मदद की थी।