बॉलीवुड के चहेते अभिनेता कार्तिक आर्यन ने आईफा 2025 के मंच पर अपनी हाजिरजवाबी और हिम्मत से सभी का दिल जीत लिया। इस भव्य समारोह में जब एंकर ने विश्व प्रसिद्ध बॉक्सर एंथोनी पेटिस के साथ बॉक्सिंग मुकाबले के लिए चुनौती दी, तो मंच पर मौजूद करण जौहर और कार्तिक आर्यन से इसे स्वीकारने के लिए कहा गया।
करण जौहर ने तुरंत ही मजाकिया अंदाज में यह कहते हुए पीछे हट गए कि ‘यह मेरी औकात से बाहर है, मैं माधुरी दीक्षित के साथ 'डोला रे डोला' पर डांस कर सकता हूं, लेकिन एंथोनी के साथ बॉक्सिंग नहीं कर सकता!; इसके बाद दर्शकों की वोटिंग के जरिए फैसला हुआ कि कार्तिक आर्यन एंथोनी पेटिस के साथ बॉक्सिंग करेंगे। जैसे ही कार्तिक ने बॉक्सिंग ग्लव्स पहने और मुकाबला शुरू हुआ, एंथोनी ने एक तेज़ पंच चलाया, जो हल्का-सा कार्तिक को लग भी गया। इस पर कार्तिक ने तुरंत हंसते हुए कहा, "तुम्हें केवल एक्टिंग करनी है, असली बॉक्सिंग नहीं!"
इसके बाद जब दोनों ने दोबारा रिंग में कदम रखा, तो कार्तिक ने चतुराई से एक सही मौका देखकर एंथोनी के चेहरे पर हल्का पंच जड़ दिया। यह देख पूरा मंच तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा, और दर्शकों ने कार्तिक आर्यन की हिम्मत की जमकर सराहना की। आईफा 2025 के इस यादगार पल ने साबित कर दिया कि कार्तिक आर्यन न सिर्फ एक्टिंग बल्कि एंटरटेनमेंट में भी माहिर हैं, चाहे वह बॉक्सिंग रिंग ही क्यों न हो!
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में तेजी से बदल रहा देश: रवि किशन
आईफा भव्य आयोजन के दौरान भोजपुरी सुपरस्टार और सांसद रवि किशन ने देश की प्रगति का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत तेजी से तरक्की कर रहा है, जिससे ऐसे बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों को भारत में लाना संभव हो सका है।
रवि किशन ने राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का भी आभार जताया और कहा कि उनकी पहल के कारण ही आइफा 2025 का आयोजन जयपुर में संभव हो पाया। उन्होंने आयोजकों का भी धन्यवाद किया कि उन्हें इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया। उन्होंने आगे कहा, "देश की छवि आज वैश्विक स्तर पर नई ऊंचाइयां छू रही है और इसका पूरा श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व को जाता है।
उनकी दूरदर्शिता और मेहनत की वजह से भारत दुनिया में अपनी अलग पहचान बना रहा है।" आईफा 2025 का सिल्वर जुबली सेलिब्रेशन राजस्थान की राजधानी जयपुर में हो रहा है, जो भारत के सांस्कृतिक और फिल्मी महत्व को और भी मजबूत करेगा।