फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rajasthan News: प्रदेश में स्कूल हादसों पर हाईकोर्ट सख्त, राजस्थान सरकार ने बनाईं मॉनिटरिंग कमेटियां

Wed, 01 Apr 2026 03:47 PM IST
जयपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

Jaipur News: स्कूल हादसे मामलों में सुनवाई के दौरान सरकार ने राज्य और जिला स्तर पर मॉनिटरिंग कमेटियां गठित करने की जानकारी दी। ये कमेटियां स्कूल इंफ्रास्ट्रक्चर कार्यों की निगरानी करेंगी। कोर्ट ने सुझाव मांगे, आदेश सुरक्षित रखा और अगली सुनवाई 11 मई तय की है।
विज्ञापन
राजस्थान हाईकोर्ट, जयपुर - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

राजस्थान में स्कूल हादसे से जुड़े मामलों में आज उच्च न्यायालय में महत्वपूर्ण सुनवाई हुई, जिसमें राज्य सरकार ने कोर्ट के समक्ष अपने कदमों की जानकारी प्रस्तुत की। राष्ट्रीय बाल आयोग के अधिवक्ता एडवोकेट वागीश कुमार सिंह ने बताया कि सरकार ने राज्यभर के सरकारी स्कूलों में इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कार्यों की निगरानी के लिए स्टेट और डिस्ट्रिक्ट स्तर पर मॉनिटरिंग कमेटियों का गठन किया है।

विज्ञापन


स्टेट लेवल कमेटी का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि स्कूलों में होने वाले रिपेयर, रेनोवेशन और रीकंस्ट्रक्शन कार्य वास्तविक रूप से लागू हों और वे उच्च न्यायालय, भारत सरकार तथा राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) की गाइडलाइंस के अनुरूप हों। इस कमेटी के चेयरमैन अतिरिक्त मुख्य सचिव (शिक्षा विभाग) को बनाया गया है। इसके अलावा फाइनेंस सेक्रेटरी, समग्र शिक्षा अभियान के प्रोजेक्ट डायरेक्टर और सुपरिटेंडेंट इंजीनियर को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।

कमेटी में केवल सरकारी अधिकारी ही नहीं, बल्कि स्वतंत्र विशेषज्ञों को भी स्थान दिया गया है। इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में अनुभव रखने वाले विशेषज्ञ, जैसे एमएनआईटी जयपुर के सिविल इंजीनियरिंग विभाग के प्रमुख, यूनिसेफ के प्रतिनिधि और राजस्थान लीगल सर्विस अथॉरिटी के सदस्य सचिव को भी इसमें शामिल किया गया है। साथ ही कुछ एनजीओ प्रतिनिधियों को भी सदस्य बनाया गया है। इस प्रकार स्टेट लेवल पर कुल 10 सदस्यों की कमेटी गठित की गई है।
विज्ञापन


वहीं, डिस्ट्रिक्ट लेवल कमेटी की अध्यक्षता जिला कलेक्टर करेंगे। इसमें पीडब्ल्यूडी के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी और समग्र शिक्षा अभियान से जुड़े अधिकारी सदस्य होंगे। इन कमेटियों का कार्यकाल पांच वर्षों के लिए निर्धारित किया गया है।

पढ़ें- IAS Tranfers: सीएमओ में पहली बार 11 आईएएस की फौज, सीएस को नहीं मिला पसंद का अफसर!

इनका मुख्य कार्य आगामी पांच वर्षों में स्कूलों में होने वाले सभी निर्माण और मरम्मत कार्यों की निगरानी करना और यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी कार्य निर्धारित मानकों और गाइडलाइंस के अनुरूप हों।
विज्ञापन


सुनवाई के दौरान न्यायालय ने सभी अधिवक्ताओं से अपने सुझाव प्रस्तुत करने को कहा है। फिलहाल कोर्ट ने आदेश सुरक्षित रख लिया है और अगली सुनवाई की तारीख 11 मई तय की गई है। संभावना है कि अगली सुनवाई में इंफ्रास्ट्रक्चर के अलावा अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा होगी।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें