राजस्थान के मौजूदा शैक्षणिक सत्र में छात्रसंघ चुनाव नहीं होंगे। राज्य सरकार ने बुधवार को हाईकोर्ट में पेश किए अपने जवाब में छात्रसंघ चुनाव कराने से मना कर दिया। छात्रसंघ चुनाव नहीं करवाए जाने के खिलाफ राजस्थान यूनिवर्सिटी के एमए प्रथम वर्ष के छात्र जय राव ने 24 जुलाई को हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इस याचिका पर आज सुनवाई थी। इसमें सरकार ने बताया कि लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों के अनुसार शैक्षणिक सत्र के पहले 8 सप्ताह में ही चुनाव हो जाने चाहिए। लेकिन अब सत्र शुरू हुए काफी समय बीत चुका है इसलिए छात्रसंघ चुनाव संभव नहीं है। इसके साथ ही सरकार ने अपने जवाब के साथ 9 विश्वविद्यालयों के कुलगुरुओं की सिफारिशों का हवाला भी दिया। इसमें शैक्षणिक सत्र में कक्षाओं का कार्यक्रम का हवाला देते हुए कुलगुरुओं ने चुनाव नहीं करवाने की राय दी है। छात्र जय राव की ओर से दायर याचिका में बताया गया था कि छात्र प्रतिनिधि चुनना छात्रों का मौलिक अधिकार है, लेकिन सरकार तीन सत्रों से चुनाव नहीं करवा रही है। इसको लेकर हाईकोर्ट ने 29 जुलाई को सुनवाई कर सरकार से जवाब मांगा था।
इन कुलगुरुओं ने दी थी चुनाव नहीं करवाने की राय: बैठक में राजस्थान विवि की कुलगुरु अल्पना कटेजा, शेखावाटी विवि के कुलगुरु अनिल रॉय, कोटा विवि के कुलगुरु भगवती प्रसाद सारस्वत, गंगासिंह विवि बीकानेर के कुलगुरु मनोज दीक्षित, बृज विवि के कार्यवाहक कुलगुरु त्रिभुवन शर्मा, उदयपुर विवि की कुलगुरु सुनीता मिश्रा, जनजातीय विवि बांसवाडा के कुलगुरु केएस ठाकुर, एमबीएम जोधपुर के कुलगुरु अजय शर्मा, एमडीएस विवि के कुलगुरु सुरेश कुमार अग्रवाल और कॉलेज शिक्षा आयुक्त ने छात्रसंघ चुनाव नहीं कराने की राय दी थी।