जयपुर पश्चिम पुलिस ने समलैंगिक डेटिंग ऐप के जरिए युवकों से संपर्क कर उन्हें सुनसान जगहों पर बुलाने और कथित तौर पर मारपीट, लूट व ब्लैकमेल करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। करधनी थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल स्विफ्ट कार भी जब्त की है। फिलहाल दोनों आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह की अन्य वारदातों और संभावित सहयोगियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
डेटिंग ऐप से करते थे संपर्क, फिर सुनसान जगह बुलाते
पुलिस उपायुक्त जयपुर पश्चिम प्रशांत किरण ने बताया कि जयपुर शहर में ग्राइंडर डेटिंग ऐप के जरिए युवकों से संपर्क करने और उन्हें योजनाबद्ध तरीके से सुनसान स्थानों पर बुलाने की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। आरोप था कि वहां युवकों के साथ मारपीट करने, डराने-धमकाने, ब्लैकमेल करने और लूट की वारदात को अंजाम दिया जाता था। मामलों की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों की पहचान और गिरोह का पता लगाने के लिए विशेष टीम बनाई गई।
निगरानी और सूचना जुटाकर आरोपियों तक पहुंची पुलिस
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त जयपुर पश्चिम राजेश गुप्ता के निर्देशन, सहायक पुलिस आयुक्त झोटवाड़ा शिव कुमार भारद्वाज के सुपरविजन और करधनी थानाधिकारी सवाई सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने संदिग्ध लोगों की गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू की। टीम ने आसूचना जुटाने के साथ गिरोह के काम करने के तरीके और उसकी गतिविधियों की जानकारी भी एकत्र की। लगातार प्रयासों के बाद पुलिस ने गिरोह से जुड़े दो आरोपियों को दस्तयाब कर गिरफ्तार कर लिया।
दोनों आरोपियों की हुई पहचान
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अनिल रूलानिया (21) निवासी रूलानिया की ढाणी, गांव मारौठ, तहसील नावां, जिला कुचामन-डीडवाना और मदन नेहरा (23) निवासी ढाबा वाली ढाणी, ढ्योढ़ी, तहसील किशनगढ़, जयपुर ग्रामीण के रूप में हुई है।
पहले दोस्ती, फिर सुनसान जगह पर बुलाने का आरोप
पुलिस जांच के अनुसार आरोपी डेटिंग ऐप के जरिए युवकों से संपर्क करते थे। बातचीत के दौरान उनका विश्वास जीतने के बाद उन्हें मिलने के लिए सुनसान जगह पर बुलाया जाता था। पुलिस के मुताबिक, वहां आरोपियों द्वारा कथित तौर पर मारपीट कर डराने-धमकाने, ब्लैकमेल करने और लूट की वारदात की जाती थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने इसी तरीके से कितनी वारदातों को अंजाम दिया है और उनके साथ इस काम में और कौन-कौन लोग शामिल थे।
वारदात में इस्तेमाल स्विफ्ट कार जब्त
पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल स्विफ्ट कार को भी जब्त कर लिया है। आरोपियों से पूछताछ के दौरान सामने आने वाली जानकारी के आधार पर पुलिस अन्य आरोपियों और संभावित सहयोगियों की भूमिका की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि मामले में अनुसंधान जारी है और पूछताछ के दौरान गिरोह से जुड़ी अन्य वारदातों का भी खुलासा हो सकता है। कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम में सहायक उपनिरीक्षक धर्मेन्द्र, सहायक उपनिरीक्षक भंवरलाल, हेड कांस्टेबल शेरसिंह, कांस्टेबल हीरालाल, कांस्टेबल बाबूलाल, कांस्टेबल गजानन्द और कांस्टेबल मुकेश गोरा शामिल रहे।