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पैसों के लालच में बेची देश की सुरक्षा? अलवर के चार युवकों को पूछताछ के बाद छोड़ा, पुलिस रख रही पैनी नजर

Mon, 03 Aug 2026 08:52 PM IST
Sourabh Bhatt न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

अलवर में स्पेशल ब्रांच और मिलिट्री इंटेलिजेंस ने चार संदिग्धों को हिरासत में लिया। उन पर पाकिस्तान को सेना, रेलवे स्टेशन और वंदे भारत से जुड़ी संवेदनशील सूचनाएं भेजने का आरोप है।
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पकड़े गए संदिग्ध पाकिस्तानी जासूस - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजस्थान पुलिस की स्पेशल ब्रांच और जम्मू की मिलिट्री इंटेलिजेंस (एमआई) ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए अलवर जिले से चार युवकों जासूसी के आरोप हिरासत में लिया है। जांच एजेंसियों को संदेह है कि आरोपी कथित तौर पर पैसों के बदले सेना से जुड़े प्रतिष्ठानों और अन्य संवेदनशील स्थानों की सूचनाएं पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स तक पहुंचा रहे थे। फिलहाल सभी से पूछताछ की जा रही है और मामले की जांच जारी है।
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सूत्रों के अनुसार शुक्रवार को ईटाराणा सैन्य छावनी क्षेत्र के पास झोपड़ी गांव निवासी उमेश जाटव तथा उसके तीन परिचितों संजय जाटव, धारा जाटव और आकाश जाटव को हिरासत में लिया गया। उमेश से उद्योग नगर थाने में पूछताछ की जा रही है, जबकि अन्य तीन युवकों से अलग स्थान पर पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी अपने साथियों के बैंक खातों और मोबाइल फोन का इस्तेमाल करता था। एजेंसियां यह भी जांच कर रही हैं कि बैंक खातों में आए पैसों का स्रोत क्या था और उनका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया गया।

पाक हैंडलर्स के संपर्क में थे आरोपी
जांच में पता चला है कि संदिग्ध आरोपी पाकिस्तान में बैठे कथित हैंडलर्स के संपर्क में थे। शुरुआती जानकारी के अनुसार पाकिस्तानी हैंडलर्स ने सोशल मीडिया और व्हाट्सएप के जरिए फर्जी पहचान तथा महिलाओं के नाम से उनसे संपर्क किया फिर उन्हें कथित रूप से पैसों का लालच देकर सैन्य गतिविधियों से जुड़ी जानकारी जुटाने के लिए कहा गया।
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एजेंसियों के अनुसार आरोपियों पर ईटाराणा आर्मी कैंट, रेलवे स्टेशन और वंदे भारत ट्रेन की आवाजाही से संबंधित फोटो, वीडियो और अन्य जानकारियां साझा करने का संदेह है। हालांकि यह जांच का विषय है कि वास्तव में कौन-कौन सी सूचनाएं साझा की गईं और उनका सुरक्षा की दृष्टि से क्या महत्व था?

जांच के दायरे में आरोपियों के मोबाइल फोन
जांच एजेंसियां आरोपियों के मोबाइल फोन, व्हाट्सऐप चैट, फोटो, वीडियो, सोशल मीडिया अकाउंट और बैंक खातों की फॉरेंसिक जांच कर रही हैं। शुरुआती डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस मामले में अन्य लोग भी शामिल थे या नहीं? सूत्रों के मुताबिक मुख्य आरोपी ने अपने कुछ परिचितों को भी इस नेटवर्क से जोड़ने की कोशिश की थी। इस पहलू को लेकर भी एजेंसियां कुछ अन्य लोगों से पूछताछ कर रही हैं। 
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पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी ने जानकारी देते हुए बताया कि सूचना के आधार पर संदिग्धों को डिटेन कर पूछताछ की गई थी। फिलहाल उन्हें छोड़ दिया गया है लेकिन उन पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
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