राजस्थान में वनरक्षक भर्ती परीक्षा 2020 में कथित फर्जीवाड़े के मामले में एसओजी ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि मूल अभ्यर्थी भारत मीणा की जगह दिनेश कुमार विश्नोई ने परीक्षा दी थी। जांच में नौकरी के लिए पांच लाख रुपये में सौदा तय होने की बात भी सामने आई है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर पुलिस अभिरक्षा में पूछताछ की जा रही है।
मूल अभ्यर्थी की जगह परीक्षा देने वाला डमी अभ्यर्थी गिरफ्तार
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की वनरक्षक सीधी भर्ती परीक्षा 2020 में अभ्यर्थी की जगह डमी अभ्यर्थी बैठाकर परीक्षा दिलाने के मामले में एसओजी ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में मूल अभ्यर्थी भारत मीणा और उसकी जगह परीक्षा देने वाला डमी अभ्यर्थी दिनेश कुमार विश्नोई शामिल हैं। दोनों को 24 अक्टूबर को गिरफ्तार कर पुलिस अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की जा रही है।
2025 में दर्ज हुआ था मामला
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस, एसओजी विशाल बंसल ने बताया कि वनरक्षक भर्ती परीक्षा 2020 से जुड़े मामले में पुलिस थाना एसओजी, राजस्थान जयपुर में 26 सितंबर 2025 को प्रकरण दर्ज किया गया था। इसमें भारतीय दंड संहिता की धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक षड्यंत्र से संबंधित धाराओं के साथ राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धाराएं लगाई गई थीं।
प्रवेश पत्र और उपस्थिति पत्रक पर फोटो लगाने का आरोप
जांच में सामने आया कि परीक्षा केंद्र में भारत की जगह दिनेश बैठा था। मूल अभ्यर्थी भारत मीणा ने वनरक्षक भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। इसके बाद उसकी जगह दिनेश कुमार विश्नोई ने डमी अभ्यर्थी के रूप में परीक्षा दी। आरोप है कि दिनेश ने परीक्षा केंद्र में भारत के स्थान पर प्रवेश किया और प्रवेश पत्र तथा उपस्थिति पत्रक पर अपना फोटो चस्पा किया। इसके साथ ही भारत के फर्जी हस्ताक्षर कर परीक्षा में शामिल हुआ।
नौकरी के लिए पांच लाख रुपये में सौदा तय होने का दावा
पूछताछ में एसओजी के सामने यह भी आया कि भारत मीणा ने वनरक्षक भर्ती परीक्षा में नौकरी लगने के लिए भरतपुर जिले के ठेकड़ा निवासी डालूराम मीणा से संपर्क किया था। आरोप है कि दोनों के बीच पांच लाख रुपये में सौदा तय हुआ था। इसके बाद भारत की जगह दिनेश कुमार विश्नोई ने डालूराम मीणा के माध्यम से परीक्षा दी।
एसओजी ने लगातार तलाश के बाद दोनों को पकड़ा
एसओजी की टीम ने लगातार तलाश के बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। कार्रवाई पुलिस महानिरीक्षक अजयपाल लाम्बा के निर्देशन, उप महानिरीक्षक भुवन भूषण यादव के सुपरविजन और पुलिस अधीक्षक सतनाम सिंह के नेतृत्व में की गई। अनुसंधान अधिकारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुभाष गोदारा और टीम ने आरोपियों को पकड़ा।
डालूराम की भूमिका की भी जांच
फिलहाल भारत मीणा और दिनेश कुमार विश्नोई को पुलिस अभिरक्षा रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। एसओजी अब पांच लाख रुपये के सौदे, डालूराम की भूमिका और परीक्षा में कथित तौर पर फर्जी तरीके से शामिल होने की पूरी कड़ी की जांच कर रही है।