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Gautam Dak FIR: सहकारिता मंत्री गौतम दक के खिलाफ पुलिसकर्मी से गाली-गलौच मामले में FIR दर्ज

Fri, 29 May 2026 06:52 AM IST
Sourabh Bhatt न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

चित्तौड़गढ़ के डूंगला थाने में सहकारिता मंत्री गौतम दक के खिलाफ पुलिसकर्मियों से गाली-गलौच, धमकी और राजकार्य में बाधा डालने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है। मामले ने प्रदेश की राजनीति और पुलिस महकमे में हलचल बढ़ा दी है।

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सहकारिता मंत्री गौतम दक - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मी को कथित रूप से धमकाने और गाली-गलौच के मामला राजस्थान के सहकारिता मंत्री गौतम कुमार दक के खिलाफ देर रात एफआईआर दर्ज हो गई है।  चित्तौड़गढ़ जिले के डूंगला थाना प्रभारी शैतान सिंह ने सहकारिता मंत्री गौतम दक के खिलाफ राजकार्य में बाधा, गाली-गलौच और धमकी देने के आरोप में मामला दर्ज कराया है। यह मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 132, 351(2) और 352 के तहत दर्ज किया गया है।

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एफआईआर के अनुसार, थाना डूंगला में दर्ज एक पुराने प्रकरण की जांच के सिलसिले में 25 मई 2026 को आरोपी धनराज खारोल को पूछताछ के लिए बुलाया गया था। पूछताछ के दौरान पुलिस ने धनराज से उसके बेटे मनोज खारोल और अन्य परिजनों को भी जांच में सहयोग के लिए उपस्थित करने को कहा। इस पर धनराज ने कथित तौर पर कहा कि वह अपने बेटे और अन्य लोगों को थाने नहीं भेजेगा और अपनी राजनीतिक पहुंच का हवाला देते हुए मंत्री गौतम दक से बात करने की बात कही।

इसके बाद पूर्व सरपंच चंद्रशेखर शर्मा ने पुलिसकर्मी लक्ष्मीनारायण को फोन कर कथित तौर पर धमकाया कि भविष्य में धनराज को थाने बुलाया गया तो मंत्री से शिकायत की जाएगी। एफआईआर में आरोप है कि धनराज और चंद्रशेखर शर्मा ने मंत्री गौतम दक से पुलिस द्वारा रिश्वत मांगने की झूठी शिकायत भी की। 

एफआईआर के मुताबिक, उसी दिन दोपहर में मंत्री गौतम दक ने थाना प्रभारी शैतान सिंह को फोन कर थाने के बाहर बुलाया। वहां मंत्री ने पुलिसकर्मियों लक्ष्मीनारायण और विष्णु कुमार को बुलाने के लिए कहा। आरोप है कि दोनों पुलिसकर्मियों के पहुंचने पर मंत्री ने बिना कोई पक्ष सुने उनके साथ गाली-गलौच की, मां-बहन की गालियां दीं और आम लोगों के सामने अपमानित किया।

थानाधिकारी ने आरोप लगाया कि मंत्री ने पुलिसकर्मियों को धमकाया, ट्रांसफर कराने की बात कही और मारपीट करने की कोशिश करते हुए हाथ उठाया। इससे राजकार्य में बाधा उत्पन्न हुई और पुलिसकर्मी भयभीत हुए। एफआईआर में यह भी कहा गया है कि इस घटना से पुलिस विभाग की छवि खराब हुई और शिकायतकर्ता मानसिक तनाव में चला गया।

थानाधिकारी ने बताया कि घटना के बाद वह मानसिक अवसाद में रहा और बाद में पूरे घटनाक्रम की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई। इसके बाद मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने सहकारिता मंत्री गौतम दक के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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दक ने दी थी सफाई- घटना का ऑडियो गुरुवार को सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ। इसके बाद दक की ओर से एक वीडियो जारी कर इस मामले मे सफाई दी गई कि कथित ऑडियो से उनका कोई लेना-देना नहीं है। 

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