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Exclusive Interview: मुझे बदनाम करने के लिए गहलोत ने ERCP को राजनीतिक भस्मासुर की तरह काम में लिया- शेखावत

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: प्रिया वर्मा Updated Tue, 23 Apr 2024 12:06 PM IST

सार

प्रदेश में दूसरे चरण का मतदान होने में अब कुछ ही घंटों का समय शेष है। चुनाव प्रचार अब चरम पर है। मतदान से पहले अमर उजाला ने जलशक्ति मंत्री गजेंद्रसिंह शेखावत से एक्सक्लूसिव बातचीत की। जानिये क्या बोले शेखावत
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राजस्थान - फोटो : अमर उजाला


वोट डाले जाने में अब मात्र 100 घंटे का समय बचा है और पहले चरण में वोटिंग कम हुई है, ऐसे में आप इसे किस तरह से देखते हैं?


सबको मिलकर इसका समाधान खोजना चाहिए। यह सिस्टम के लिए भी चिंता का विषय है। चुनाव आयोग को भी विचार करना चाहिए। लोकतंत्र की परिपक्वता के साथ एकाएक मतदान का प्रतिशत जिस तरह कम हो रहा है, यह विचारणीय है।


अमित शाह ने भी कहा था कि यह सोचकर मत बैठ जाना कि सरकार बन रही है। क्या वोटिंग कम होने का असर बीजेपी पर पडे़गा?


जो वोटिंग कम हुई है, वह जेनरिक है, यानी एक वर्ग या जाति के वोट कम नहीं हुए। सभी के लिए वोट कम हुआ है लेकिन एक बात मैं निश्चित रूप से कह सकता हूं कि दूसरे चरण के जो आंकड़े आएंगे, उसमें निश्चित रूप से वोट प्रतिशत 6 से 7 प्रतिशत तक बढ़ेगा।


राजस्थान में कांग्रेस प्रचार कर रही है कि बीजेपी 400 सीट लाकर संविधान बदलना चाहती है, आरक्षण खत्म करना चाहती है?


देखिए देश को बांटना कांग्रेस के डीएनए में है। प्रधानमंत्री ने खुद कहा है कि बाबा साहेब भी आ जाएं तो संविधान बदल नहीं सकता। संविधान में संशोधन किया जा सकता है लेकिन इसके लिए 400 पार की जरूरत नहीं। देश में अधिकांश संशोधन कांग्रेस के समय ही हुए। संविधान में संशोधन देश के लिए आवश्यक है तो हमने किया। 


आरक्षण को लेकर बड़ा मुद्दा बनाया जा रहा है कि आरक्षण खत्म कर दिया जाएगा?


ये झूठ है। ये लोग अफवाहें फैलाकर समाज को बांटना चाहते हैं और सामाजिक ताने-बाने खत्म करना चाहते हैं। हमने तो सवर्ण जाति को लोगों को भी आरक्षण का लाभ ईडब्लूएस में दिया और आरक्षण में छेड़छाड़ किए बिना दिया।


प्रधानमंत्री ने बांसवाड़ा में कहा कि कांग्रेस के घोषणा पत्र में महिलाओं के मंगलसूत्र तक लेने की बात की जा रही है?


इस बयान के परिप्रेक्ष्य में देखें तो मनमोहन सिंह की सरकार के समय उनका वक्तव्य था कि देश के संसाधनों पर पहला अधिकार मुसलमानों का है। वहीं प्रधानमंत्री का कहना है कि संसाधनों पर पहला अधिकार गरीबों का है। जब गरीब का कल्याण होता है, उसका जीवन स्तर सुधरता है तो इससे उन लोगों को तकलीफ होती है, जो कहते हैं कि पहला अधिकार अल्पसंख्यकों का है।


कांग्रेस कह रही है कि जलमंत्री जोधपुर के हैं और जोधपुर ही प्यासा रह गया?


संविधान कहता है कि पानी पहुंचाने का काम राज्य सरकार का है, जितना काम आजादी से 72 सालों में हुआ, उसका चार गुना काम हमने किया। जब 12 राज्य 100 प्रतिशत कर सकते हैं तो राजस्थान ही पिछड़ा हुआ क्यों रहा, इसकी जिम्मेदारी किसकी थी?
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नई सरकार के आने के तीन महीने के भीतर ईआरसीपी एमओयू साइन हो गया। पिछली सरकार में यह क्यों नहीं हो पाया?


क्योंकि अशोक गहलोत ने इसे राजनीतिक भस्मासुर की तरह काम में लिया था। मुझे बदनाम करने के लिए उन्होंने ऐसा किया। मैंने लोगों के बीच जाकर बताया कि राज्य सरकार इसे आगे नहीं बढ़ा रही है। परिवर्तन संकल्प यात्रा के समय किसी ने ईआरसीपी का एक पर्चा भी आकर नहीं पकड़ाया, जबकि चुनावों के समय गहलोत साहब ने 3 बार इसकी घोषणा की थी।


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