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Jaipur: जन संघर्ष यात्रा का समापन, भरतपुर संभाग के तीन विधायक पायलट खेमे में आने से बदलेगा सियासी गणित

Tue, 16 May 2023 05:15 PM IST
अर्पित याज्ञनिक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

धौलपुर ज़िले से विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा और खिलाड़ी लाल बैरवा का सचिन पायलट के पाले में पहुंच जाने से सियासी पारा चढ़ गया है। 
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गिर्राज सिंह मलिंगा कांग्रेस विधायक व खिलाड़ी लाल बैरवा कांग्रेस विधायक - फोटो : Amar Ujala Digital
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विस्तार
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पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट की जन संघर्ष यात्रा के समापन के अवसर पर जयपुर में हुई जनसभा में भरतपुर संभाग से तीन विधायक शामिल हुए। धौलपुर के बाड़ी विधानसभा से गिर्राज सिंह मलिंगा, बसेड़ी से खिलाड़ी लाल बैरवा और भरतपुर के रूपवास विधानसभा क्षेत्र से भरोसी लाल जाटव की भी खुले मंच पर एंट्री हुई।

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धौलपुर ज़िले से विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा और खिलाड़ी लाल बैरवा का सचिन पायलट के पाले में पहुंच जाने से सियासी पारा चढ़ गया है। मलिंगा और बैरवा की सचिन पायलट के मंच पर एंट्री होने से जिले की सियासत में भी खेमेबाजी देखने को मिल रही है। जिले के चार विधानसभा क्षेत्र में बाड़ी से गिर्राज सिंह मलिंगा, बसेड़ी से खिलाड़ी लाल बैरवा सचिन पायलट गुट में सार्वजनिक तौर पर शामिल हो चुके हैं।

वहीं, राजाखेड़ा विधायक रोहित बोहरा मुख्यमंत्री अशोक गहलोत गुट के नजदीकी बन गए हैं। भाजपा से निष्कासित धौलपुर विधायक शोभारानी कुशवाह अशोक गहलोत गुट में सात मई को हुई राजाखेड़ा में मुख्यमंत्री की सभा में शामिल हो गईं। राजस्थान प्रदेश क्षेत्र की गुटबाजी का असर धौलपुर कांग्रेस पार्टी में भी देखा जा रहा है। विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा और खिलाड़ी लाल बैरवा एक गुट बन गया है। वहीं, राजाखेड़ा विधायक रोहित बोहरा का दूसरा गुट बन गया है। धौलपुर विधायक शोभारानी कुशवाह ने जिला स्तर पर अभी तक किसी भी गुट में अपनी सक्रियता नहीं दिखाई है। विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा, खिलाड़ी लाल बैरवा और रोहित बोहरा गुट में मौजूदा वक्त में जोरदार सियासी अदावत देखी जा रही है।
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मलिंगा कर चुके विधायक बोहरा को हराने की अपील
नौ मई को राजाखेड़ा में राजपूत समाज के एक कार्यक्रम विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा ने बिना नाम लिए विधायक रोहित वोहरा और उनके पिता पूर्व मंत्री प्रद्युम्न सिंह पर जोरदार जुबानी हमला बोला था। विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा ने राजपूत समाज के लोगों से चुनाव में उन्हें हराने तक की अपील भी की थी।

मानेसर की घटना से शुरू हुई सियासी अदावत
साल 2020 में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सरकार से बगावत कर पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट के साथ मानेसर गए विधायक रोहित बोहरा की सियासी अदावत विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा और खिलाड़ी लाल बैरवा से हो गई। तत्कालीन समय पर गिर्राज सिंह मलिंगा और खिलाड़ी लाल बैरवा मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ कंधे से कंधा मिलाकर साथ खड़े रहे थे। हालांकि समय रहते विधायक रोहित बोहरा, चेतन डूडी और दानिश अबरार भी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खेमे में ही मानेसर से लौटकर शामिल हुए थे। वर्ष 2020 से ही गिर्राज सिंह मलिंगा खिलाड़ी लाल बैरवा और रोहित बोहरा गुट जिले में अलग-अलग बन गए।

कांग्रेस को जिताने और हराने में गिर्राज सिंह मलिंगा और खिलाड़ी लाल बैरवा की रहेगी अहम भूमिका
प्रदेश से लेकर ब्लॉक इकाई तक कांग्रेस पार्टी में भारी गुटबाजी देखी जा रही है। गुटबाजी का सबसे बड़ा असर आगामी नवम्बर-दिसंबर में होने वाले विधानसभा चुनाव पर पड़ सकता है। कांग्रेस पार्टी ने अगर विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा और खिलाड़ी लाल बैरवा को दरकिनार किया गया, तो राजपूत समाज और एससी समाज का बड़ा खेमा कांग्रेस से खिसक सकता है। गिर्राज सिंह मलिंगा और खिलाड़ी लाल बैरवा दोनों ही नेताओं को अपने-अपने समाज का बड़े कद का नेता माना जाता है। धौलपुर जिले की चारों विधानसभा कसीटों में राजपूत समाज और एससी वोट भारी तादाद में दखल रखता है।

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