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Rajasthan: 'भाजपा सरकार में हर शिकायत की सुनवाई, कांग्रेसियों को क्यों तकलीफ पता नहीं', बोले झाबर सिंह खर्रा

Mon, 08 Dec 2025 06:43 PM IST
जयपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

Jaipur News: जयपुर में भाजपा कार्यालय के कार्यकर्ता सुनवाई कार्यक्रम में मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने 150 कार्यकर्ताओं की समस्याएं सुनीं। उन्होंने समाधान का भरोसा दिलाया, कांग्रेस पर ओबीसी आरक्षण को लेकर निशाना साधा और सरकार-संगठन समन्वय को प्रभावी बताया।
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प्रेस से बात करते हुए यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जयपुर में भाजपा प्रदेश कार्यालय में सोमवार को आयोजित कार्यकर्ता सुनवाई कार्यक्रम में यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने प्रदेशभर से आए लगभग 150 कार्यकर्ताओं की समस्याएं सुनीं। इस दौरान विकास कार्यों, अतिक्रमण, प्रशासनिक देरी, निकाय से संबंधित मुद्दों तथा स्थानीय प्रबंधन से जुड़े प्रकरणों को विस्तार से सुना गया। खर्रा ने बताया कि सभी मामलों को विभागीय प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ाया जा रहा है और संबंधित अधिकारियों से टिप्पणियां लेकर समाधान की दिशा में प्रयास शुरू कर दिए गए हैं।

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उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं के माध्यम से आमजन की समस्याओं को सीधे प्रदेश नेतृत्व तक पहुंचाने की यह नई व्यवस्था प्रभावी सिद्ध हो रही है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने यह कार्यक्रम इसलिए शुरू किया है ताकि सरकार और संगठन के बीच समन्वय मजबूत हो सके तथा जनता की समस्याओं का सरल और त्वरित समाधान मिल सके।

कांग्रेस पर प्रहार करते हुए मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि पिछली सरकार में ओबीसी आरक्षण प्रक्रिया को नज़रअंदाज करते हुए बिना प्रक्रिया पूरी किए चुनाव करवाने की कोशिश की गई। जबकि कोर्ट के स्पष्ट निर्देश हैं कि पिछड़ा वर्ग आयोग की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही आरक्षण लागू किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार विधिक प्रावधानों के अनुसार ही आगे बढ़ रही है और आयोग अपना कार्य गंभीरता से कर रहा है।
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पत्रकारों के सवाल पर खर्रा ने व्यंग्य करते हुए कहा कि पूर्व मंत्री डोटासरा की सुनवाई होती थी या नहीं, इसका उन्हें पता नहीं, लेकिन आज भाजपा सरकार में हर अधिकारी मंत्रियों की बात सुनता है और उस पर कार्रवाई भी करता है। उन्होंने कहा कि अब कांग्रेसियों के पेट में क्या दर्द है, यह मुझे नहीं पता। न मैं चिकित्सक हूं, न वैद्य और न हकीम।

खर्रा ने कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि वे अनुशंसा पूर्ण परिवाद प्रस्तुत करें, जिससे मामलों की गंभीरता और प्राथमिकता के आधार पर तय समय में समाधान किया जा सके।

 

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