देश में एलपीजी गैस की कमी के बीच राजधानी जयपुर में रसोई का ट्रेंड तेजी से बदलता नजर आ रहा है। घरेलू उपयोग के लिए लोग गैस के विकल्प के रूप में तेजी से इंडक्शन चूल्हों की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे बाजार में इनकी मांग अचानक कई गुना बढ़ गई है।
इंडक्शन चूल्हों की बिक्री में उछाल
जयपुर में घरेलू रसोई में इंडक्शन चूल्हों की मांग में अचानक तेजी देखी जा रही है। जयपुर के इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार एसोसिएशन के अध्यक्ष के अनुसार पहले जहां एक महीने में मुश्किल से चार से पांच इंडक्शन बिकते थे, वहीं अब रोजाना दोगुने से ज्यादा की बिक्री हो रही है। बाजार में 1600 वॉट, 1800 वॉट, 2000 वॉट से लेकर 3000 वॉट तक के हाई पावर इंडक्शन की मांग सबसे ज्यादा देखी जा रही है, क्योंकि ये जल्दी गर्म होकर कम समय में खाना बनाने में मदद करते हैं।
इंडक्शन चूल्हों की हो रही बल्क बुकिंग
कारोबारियों का कहना है कि बड़ी होटलों वाले इंडक्शन चूल्हों की एक साथ बल्क में ऑर्डर दे रहे हैं। जिससे मार्केट में मौजूद स्टॉक भी खत्म हो रहा है और पीछे से सप्लाई आने में समय लग रहा है जिसके चलते कीमतों पर भी असर आना शुरू हो चुका है।
बाजार में सीमित उपलब्धता
अध्यक्ष के मुताबिक एलपीजी की कमी के बाद इंडक्शन चूल्हों की बिक्री में अप्रत्याशित उछाल आया है। कई ग्राहक कमर्शियल इंडक्शन की मांग लेकर दुकानों पर पहुंच रहे हैं, लेकिन बाजार में इनकी उपलब्धता सीमित होने के कारण कई लोगों को निराश होकर लौटना पड़ रहा है।
आयातित कंपोनेंट पर निर्भरता
व्यापारियों का कहना है कि अचानक बढ़ी मांग के लिए कंपनियां तैयार नहीं थीं। इंडक्शन चूल्हों के कई महत्वपूर्ण कंपोनेंट विदेशों से आयात होते हैं, जिनमें करीब 20 प्रतिशत हिस्से चीन से आते हैं। इनकी सप्लाई सीमित होने के कारण कंपनियों को उत्पादन बढ़ाने में समय लग रहा है।
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कीमतों में बढ़ोतरी की आशंका
फिलहाल इंडक्शन चूल्हों की कीमतों में कोई बड़ा इजाफा नहीं हुआ है, लेकिन बाजार में चर्चा है कि यदि कंपोनेंट की कमी बढ़ती है तो आने वाले समय में कीमतों में पांच से दस प्रतिशत तक बढ़ोतरी हो सकती है। व्यापारियों के अनुसार जयपुर में लगभग 150 से अधिक इलेक्ट्रॉनिक्स दुकानों पर इंडक्शन चूल्हों की बिक्री तेजी से बढ़ रही है। यदि एलपीजी की कमी लंबे समय तक बनी रहती है तो आने वाले दिनों में इसकी मांग और अधिक बढ़ सकती है।