विश्वेंद्र सिंह और गोविंद डोटासरा आमने-सामने
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राजस्थान कांग्रेस में विश्वेंद्र सिंह के मामले और निकाय चुनाव में गड़बड़ियों को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि दोनों मामलों की जांच के लिए गठित समितियां अपने स्तर पर पड़ताल कर रही हैं। समितियों की रिपोर्ट और सिफारिशें सामने आने के बाद ही पार्टी आगे का फैसला करेगी।
डोटासरा ने कहा कि निकाय चुनाव में गड़बड़ियों और पार्टी में अनुशासनहीनता से जुड़े सभी मुद्दे संबंधित समितियों के सामने रखे जा रहे हैं। समितियां हर पहलू पर विचार कर रही हैं। उनके मंथन के बाद ही प्रमुख बिंदु सामने आएंगे। ऐसे में रिपोर्ट आने से पहले किसी नतीजे पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
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विश्वेंद्र सिंह से सीधे संवाद नहीं
विश्वेंद्र सिंह के साथ बातचीत को लेकर डोटासरा ने स्पष्ट किया कि उनका विश्वेंद्र सिंह से सीधे तौर पर कोई संवाद नहीं हुआ है। इस मामले में कांग्रेस की अनुशासन समिति ने उनसे बातचीत की है। समिति अपने स्तर पर पूरे मामले को देख रही है।
डोटासरा ने कहा कि पार्टी में किसी को शामिल करने या बाहर करने जैसे फैसले समिति की सिफारिशों के आधार पर होते हैं। इसलिए विश्वेंद्र सिंह के मामले में भी समिति की रिपोर्ट आने से पहले कोई टिप्पणी करना उचित नहीं है।
आज विश्वेंद्र सिंह ने फिर उठाए थे प्रदेश नेतृत्व पर सवाल: गौरतबल है कि शुक्रवार सुबह विश्वेंद्र सिंह ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर एक और पत्र साझा कर राजस्थान कांग्रेस के संगठन और प्रदेश नेतृत्व पर निशाना साधा। उन्होंने पार्टी की स्थिति को ‘राम भरोसे’ बताते हुए कहा कि 60 साल तक देश पर शासन करने वाली कांग्रेस का राजस्थान में कोई धणी-धोरी नहीं है। उन्होंने वरिष्ठ नेताओं की अनदेखी, युवाओं को मार्गदर्शन नहीं मिलने और कार्यकर्ताओं में निराशा का मुद्दा उठाया। विश्वेंद्र सिंह ने कहा कि वे चापलूसी नहीं करेंगे और स्वाभिमान से समझौता किए बिना जनता की आवाज उठाते रहेंगे।