दिवाली पूजन मुहूर्त (20 अक्टूबर 2025)
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प्रदोष काल: शाम 5:46 बजे से रात 8:18 बजे तक
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लक्ष्मी पूजन मुहूर्त: शाम 7:08 से रात 8:18 बजे तक
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वृषभ लग्न: रात 7:29 से 9:26 तक
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सिंह लग्न (मध्यरात्रि पूजन): रात 1:57 से 4:12 तक
शास्त्रों में वर्णित है —"अमावास्यायां तु प्रदोषकाले दीपदानं विशेषतः। लक्ष्म्यै च विधिवद् पूजां धनधान्यप्रदं स्मृतम्॥"
(अर्थ: अमावस्या की प्रदोष वेला में विधिपूर्वक लक्ष्मी पूजन और दीपदान करने से धन, धान्य और समृद्धि की प्राप्ति होती है।)
क्यों 20 अक्टूबर को ही करें पूजा?
चार विशिष्ट रात्रियां — कालरात्रि (शिवरात्रि), महारात्रि (दिवाली), मोह-रात्रि (जन्माष्टमी), दारुण रात्रि (होली) — इन सभी में निशीथकाल और रात्रि पूजन का विशेष महत्व है। इस बार दिवाली की अमावस्या 20 अक्टूबर की रात में ही पड़ रही है, इसलिए यही दिन महालक्ष्मी पूजन के लिए शास्त्रसम्मत और फलदायक रहेगा।
21 अक्टूबर को क्या करें?
21 अक्टूबर को घरों में दीप सज्जा, परिवारिक पूजा, मेहमान नवाजी और उत्सव मनाना शुभ रहेगा, लेकिन लक्ष्मी पूजन 20 अक्टूबर की रात ही करें।
Disclaimer:: यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं और पंचांग गणनाओं पर आधारित है। amarujala.com इनमें से किसी भी मान्यता की पुष्टि नहीं करता।।
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