राजस्थान पुलिस मुख्यालय द्वारा चलाए जा रहे साइबर शील्ड अभियान के अंतर्गत जयपुर पश्चिम पुलिस ने साइबर अपराधों के विरुद्ध एक और बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। चौमू थाना क्षेत्र में लगातार मिल रही शिकायतों पर पुलिस ने जांच की और एक ऐसे खाते का पता लगाया, जिस पर पूरे भारत से शिकायतें दर्ज थीं।
पुलिस जांच में सामने आया कि इन फर्जी खातों के पीछे आईडीएफसी बैंक का पूर्व असिस्टेंट मैनेजर शिवा खांडल है। आरोपी ने 4 सितंबर 2024 को बैंक में पदभार ग्रहण किया और संदीप शर्मा व अन्य आरोपियों के कहने पर अवकाश के दौरान भी बैंक कर्मचारियों के माध्यम से फर्जी खातों को खुलवाया।
पुलिस उपायुक्त जयपुर पश्चिम हनुमान प्रसाद के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त आलोक सिंघल के सुपरविजन तथा एसीपी चौमू उषा यादव व साइबर सेल प्रभारी हरिराम जाखड़ की टीम ने यह कार्रवाई की। जांच में पाया गया कि आरोपी शिवा खांडल ने अब तक 10 से अधिक खाते खुलवाए, जिनमें लगभग 10 करोड़ रुपये से ज्यादा का संदिग्ध लेन-देन हुआ।
ये भी पढ़ें: Ajmer News: वायुसेना जवान पुलकित की गोली लगने से मौत, सैन्य सम्मान से दी गई अंतिम विदाई; ऑपरेशन सिंदूर...
आईडीएफसी बैंक से प्राप्त सूचना के आधार पर पता चला कि पूरे भारत से इन खातों से संबंधित करीब 35 शिकायतें दर्ज हैं। आरोपी ने ये खाते केवल पैसों के लालच में खोले थे, जिनका इस्तेमाल साइबर ठगी के लिए किया गया। इन खातों में देशभर से ठगे गए आमजन का पैसा डाला गया, जिससे कई लोग वित्तीय नुकसान के शिकार हुए।
चौमू थाना पुलिस ने आरोपी शिवा खांडल पुत्र श्रवण कुमार खांडल, निवासी रामपुरा डाबड़ी, चौमू को गिरफ्तार किया है। उसके खिलाफ धारा 318(4), 316(2), 61(2) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों और खातों की गहन जांच कर रही है। पुलिस की यह कार्रवाई साइबर अपराधियों के खिलाफ चल रहे पुलिस मुख्यालय के अभियान को और मजबूत करती है।