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कांग्रेस का विधानसभा तक पैदल मार्च; जवाब में बीजेपी की रणनीति, सदन में सरकार के कामकाज को मजबूती से रखेंगे

Thu, 20 Aug 2026 07:54 AM IST
Sourabh Bhatt न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

राजस्थान विधानसभा सत्र से पहले कांग्रेस सरकार के खिलाफ विधानसभा तक पैदल मार्च करेगी। जवाब में भाजपा ने विधायकों को सरकार की उपलब्धियां गिनाने और विपक्ष के आरोपों का जवाब देने की रणनीति बनाई।
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राजस्थान विधानसभा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजस्थान विधानसभा का मानसून सत्र आज से शुरू हो रहा है। हालांकि पहले दिन सदन में शोकाभिव्यक्ति के बाद कार्यवाही स्थगित करने की परंपरा रही है। लेकिन कांग्रेस इस छोटे सत्र में सत्ता पक्ष को घेरने का कोई मौका नहीं गंवाना चाहती है। इसलिए सदन की शुरुआत से पहले कांग्रेस विधायक आवास से विधानसभा तक पैदल मार्च निकालेगी। निकाय चुनावों का ऐलान हो चुका है ऐसे में बीजेपी भी विपक्ष को जवाब देने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती है। बुधवार शाम को सीएम आवास पर करीब 2 घंटे तक चली बैठक में सीएम भजनलाल शर्मा ने अपने विधायकों को सरकार की उपलब्धियां और योजनाओं का ब्यौरा सदन में रखने का टास्क दिया है।


कांग्रेस सड़क से सदन तक सरकार को घेरेगी

कांग्रेस विधायक सुबह 8:45 बजे विधायक आवास स्थित लॉन में एकत्र होंगे। यहां पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती पर उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की जाएगी। इसके बाद नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक सरकार की नीतियों के खिलाफ विधानसभा तक पैदल मार्च करेंगे।

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कांग्रेस ने विधानसभा में भी सरकार को घेरने के लिए मुद्दे तय कर लिए हैं। सरकारी स्कूलों में मीडिया की एंट्री पर रोक, शिक्षा व्यवस्था, पंचायत और निकाय चुनाव, कानून-व्यवस्था, सरकार की घोषणाओं और लंबित आश्वासनों को लेकर विपक्ष सरकार से जवाब मांगेगा।

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भाजपा को चुनौती देते हुए कहा है कि आगामी पंचायत और निकाय चुनाव धर्म और जाति के बजाय सरकार के कामकाज के आधार पर लड़कर दिखाए। उनका आरोप है कि भाजपा अपने काम के बजाय ध्रुवीकरण की राजनीति का सहारा ले रही है।

‘मीडिया वर्क फ्रॉम होम करेगा क्या?’

सरकारी स्कूलों में मीडिया की एंट्री पर रोक को कांग्रेस ने बड़ा मुद्दा बनाया है। जूली ने सवाल उठाया कि सरकारी स्कूलों की कमियां सामने लाने से रोकने के लिए मीडिया पर पहरा क्यों लगाया जा रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि क्या अब मीडिया ‘वर्क फ्रॉम होम’ करेगा। कांग्रेस इस मुद्दे को विधानसभा में उठाकर सरकार से संबंधित आदेश वापस लेने की मांग करेगी।

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यह भी पढें- राजस्थान में स्कूलों को लेकर सियासत तेज: सीजेपी के आशुतोष करेंगे स्कूलों का दौरा, शिक्षा मंत्री को दी चुनौती

BJP का प्लान- सरकार के काम का हिसाब सदन में

कांग्रेस के हमले के जवाब में भाजपा ने भी अपनी रणनीति तैयार कर ली है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को मुख्यमंत्री निवास पर भाजपा विधायक दल की बैठक लेकर विधायकों को विधानसभा में सक्रिय रहने और सरकार की उपलब्धियों को प्रमुखता से रखने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने विधायकों से विपक्ष के आरोपों का मजबूती से जवाब देने और आमजन से जुड़े मुद्दों पर सरकार का पक्ष तथ्यों के साथ रखने को कहा। भाजपा का फोकस विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं, भर्ती और पेपर लीक के मुद्दे पर कांग्रेस सरकार से तुलना करने पर रहेगा।

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में अब तक 410 परीक्षाएं बिना पेपर लीक के आयोजित की गई हैं। करीब 1.89 लाख पदों पर नियुक्तियां दी जा चुकी हैं, जबकि 1.22 लाख से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है और 70 हजार से अधिक पदों पर भर्ती की तैयारी की जा रही है।

10 लौटाए गए विधेयक भी बनेंगे टकराव का मुद्दा

सत्र के दौरान राजभवन से पुनर्विचार के लिए लौटाए गए 10 विधेयक भी सरकार और विपक्ष के बीच बहस का बड़ा मुद्दा बन सकते हैं। सरकार इन विधेयकों को दोबारा सदन में रखेगी। इसके अलावा सत्र शुरू होने से पहले करीब 1490 सवालों के जवाब लंबित हैं। कांग्रेस इसे लेकर सरकार पर जवाबदेही का दबाव बनाएगी। वहीं सत्र की अवधि को लेकर भी दोनों पक्षों के बीच मतभेद हैं। जूली सत्र को 15 से 25 दिन तक चलाने की मांग कर चुके हैं, जबकि सरकार की ओर से सत्र 25 अगस्त तक चलने के संकेत दिए गए हैं।

 

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