राजस्थान विधानसभा सत्र से पहले सुबह कांग्रेस विधायकों ने अपने सरकारी आवासों से विधानसभा तक पैदल मार्च निकाला। केंद्र सरकार द्वारा अमेरिका के साथ प्रस्तावित व्यापार समझौते के विरोध में विधायक विधानसभा की सीढ़ियों पर नारेबाजी करते नजर आए। इस दौरान कुछ कांग्रेस विधायक ‘PM is Compromised’ लिखी टी-शर्ट पहनकर सदन में पहुंचे, जिससे सियासी तापमान और बढ़ गया। भाजपा ने इसे कांग्रेस की आंतरिक फूट का प्रमाण बताते हुए प्रदर्शन को विफल करार दिया।
बस ऑपरेटरों की हड़ताल का मुद्दा भी गरमाया
सदन में निजी बस ऑपरेटरों की हड़ताल का मुद्दा भी जोर-शोर से उठा। कांग्रेस विधायक शिखा मील बराला ने आरोप लगाया कि लगभग 35 हजार निजी बसों की हड़ताल से 3.5 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। होली से पहले यात्री परेशान हैं, प्रवासी श्रमिक घर नहीं पहुंच पा रहे, मरीजों को अस्पताल जाने में दिक्कत हो रही है और खाटू श्यामजी मंदिर मेले में आने वाले श्रद्धालु भी जयपुर में फंसे हुए हैं। उन्होंने टैक्सी चालकों द्वारा अधिक किराया वसूलने का भी आरोप लगाया और कहा कि सरकार संकट समाधान के बजाय राजनीतिक रैलियों में व्यस्त है।
निर्दलीय विधायक चंद्रभान सिंह आख्या ने भी हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि वर्तमान में केवल 33 प्रतिशत निजी बसें ही संचालित हो रही हैं, जिससे प्रदेशभर में आवागमन प्रभावित है। उन्होंने छोटे वाहनों पर अत्यधिक चालान काटे जाने को 'उत्पीड़न' बताया।