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Rajasthan: ट्रेड डील के विरोध में कांग्रेस का मार्च, ‘PM is Compromised’ टी-शर्ट पर विधानसभा में हंगामा

Thu, 26 Feb 2026 10:58 PM IST
प्रशांत तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

Rajasthan: राजस्थान विधानसभा में कांग्रेस विधायकों ने अमेरिका के साथ प्रस्तावित व्यापार समझौते के विरोध में मार्च और नारेबाजी की। कुछ विधायक ‘PM is Compromised’ टी-शर्ट पहनकर सदन पहुंचे, जिससे राजनीतिक विवाद बढ़ा।
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विधानसभा में प्रदर्शन करते कांग्रेस विधायक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजस्थान विधानसभा सत्र से पहले सुबह कांग्रेस विधायकों ने अपने सरकारी आवासों से विधानसभा तक पैदल मार्च निकाला। केंद्र सरकार द्वारा अमेरिका के साथ प्रस्तावित व्यापार समझौते के विरोध में विधायक विधानसभा की सीढ़ियों पर नारेबाजी करते नजर आए। इस दौरान कुछ कांग्रेस विधायक ‘PM is Compromised’ लिखी टी-शर्ट पहनकर सदन में पहुंचे, जिससे सियासी तापमान और बढ़ गया। भाजपा ने इसे कांग्रेस की आंतरिक फूट का प्रमाण बताते हुए प्रदर्शन को विफल करार दिया।

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टीकाराम जूली का सरकार पर हमला
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने आरोप लगाया कि प्रस्तावित ट्रेड डील में भारत के हितों की पर्याप्त सुरक्षा नहीं की गई है। उनका कहना था कि अमेरिकी दबाव में कृषि और डेयरी उत्पादों को भारतीय बाजार में अनुमति दी जा सकती है, जिससे किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल असर पड़ेगा।

भाजपा ने विपक्ष को घेरा
वहीं, राज्य के गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने कांग्रेस के प्रदर्शन पर तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के सभी विधायक टी-शर्ट पहनकर नहीं आए, बल्कि 'मुट्ठी भर विधायक' ही ऐसा करते दिखे और वे भी सदन में प्रवेश के बाद टी-शर्ट उतारते नजर आए। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि प्रदर्शन संगठित था तो प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और वरिष्ठ नेता हरीश चौधरी टी-शर्ट पहनकर क्यों नहीं पहुंचे। बेढम ने इसे कांग्रेस संगठन में दरार और नेतृत्व की कमजोरी का संकेत बताया। बेढम ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमेशा राष्ट्रहित में निर्णय लिए हैं और भारत को वैश्विक मंच पर मजबूती दी है। उनके अनुसार, कांग्रेस का यह प्रदर्शन न तो सदन में प्रभावी रहा और न ही जनता के बीच।

बस ऑपरेटरों की हड़ताल का मुद्दा भी गरमाया

सदन में निजी बस ऑपरेटरों की हड़ताल का मुद्दा भी जोर-शोर से उठा। कांग्रेस विधायक शिखा मील बराला ने आरोप लगाया कि लगभग 35 हजार निजी बसों की हड़ताल से 3.5 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। होली से पहले यात्री परेशान हैं, प्रवासी श्रमिक घर नहीं पहुंच पा रहे, मरीजों को अस्पताल जाने में दिक्कत हो रही है और खाटू श्यामजी मंदिर मेले में आने वाले श्रद्धालु भी जयपुर में फंसे हुए हैं। उन्होंने टैक्सी चालकों द्वारा अधिक किराया वसूलने का भी आरोप लगाया और कहा कि सरकार संकट समाधान के बजाय राजनीतिक रैलियों में व्यस्त है।

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निर्दलीय विधायक चंद्रभान सिंह आख्या ने भी हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि वर्तमान में केवल 33 प्रतिशत निजी बसें ही संचालित हो रही हैं, जिससे प्रदेशभर में आवागमन प्रभावित है। उन्होंने छोटे वाहनों पर अत्यधिक चालान काटे जाने को 'उत्पीड़न' बताया।

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