सार
भरतपुर में पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की हत्या पर कांग्रेस नेताओं ने राजस्थान की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। प्रहलाद गुंजल ने इसे भरोसे का कत्ल बताया, वहीं हरिमोहन शर्मा ने आरोप लगाया कि पुलिस को पहले से हालात की जानकारी थी, लेकिन समय रहते कार्रवाई नहीं की।
कांग्रेस नेता हरिमोहन शर्मा- प्रहलाद गुंजल
- फोटो : अमर उजाला
भरतपुर में पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की हत्या को लेकर कांग्रेस नेताओं ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। पूर्व विधायक और कांग्रेस नेता प्रहलाद गुंजल ने इस घटना को जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा और जनता के भरोसे से जुड़ा मामला बताया। वहीं, कांग्रेस नेता हरिमोहन शर्मा ने पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि घटनाक्रम से पहले बन रहे हालात की जानकारी होने के बावजूद पुलिस ने अपना कर्तव्य पूरा नहीं किया।
गुंजल बोले- यह भड़ाना का नहीं, भरोसे का कत्ल
प्रहलाद गुंजल ने कहा कि राजस्थान में इससे पहले इतनी बड़ी घटना नहीं हुई, जिसमें किसी जनप्रतिनिधि को घेरकर मार दिया गया हो। यह केवल अतर सिंह भड़ाना का मामला नहीं है, बल्कि भरोसे का कत्ल है। राजनीति में काम करने वाले व्यक्ति को रोजाना कई तरह के विरोध का सामना करना पड़ता है, लेकिन विरोध का यह मतलब नहीं कि किसी की जान ले ली जाए।
गुंजल ने कहा कि राजस्थान के इतिहास में किसी राजनेता की इस तरह हत्या होने की घटना चिंताजनक है। उन्होंने इस बात पर भी सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के गृह क्षेत्र में पूर्व विधायक की हत्या हो गई। उनके मुताबिक, ऐसी घटना अपराधियों के हौसले बढ़ाने वाली साबित हो सकती है। उन्होंने कहा कि वह इस घटनाक्रम से बहुत चिंतित हैं।
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हरिमोहन शर्मा ने पुलिस की भूमिका पर उठाए सवाल
कांग्रेस नेता हरिमोहन शर्मा ने कहा कि दुख इस बात का है कि इस घटनाक्रम को लेकर पहले से जो हालात बन रहे थे, उनकी पुलिस को पूरी जानकारी थी। इसके बावजूद पुलिस ने अपने कर्तव्य का पालन नहीं किया। शर्मा के मुताबिक, इसी का परिणाम रहा कि संबंधित तत्वों को प्रोत्साहन मिला और उन्होंने योजना बनाकर अतर सिंह भड़ाना की हत्या कर दी।
उन्होंने कहा कि जिस जिले में यह हत्या हुई, वह मुख्यमंत्री और गृह राज्य मंत्री का जिला है। ऐसे में उन्हें सोचना चाहिए कि अपने ही जिले में कानून-व्यवस्था की स्थिति इतनी खराब कैसे हो गई। शर्मा ने तंज कसते हुए कहा कि जब सरकार अपनी ही पार्टी के पूर्व विधायक को नहीं बचा पाई तो विपक्ष के नेताओं को उससे सुरक्षा की उम्मीद करना बेमानी लगता है।
कानून-व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
अतर सिंह भड़ाना की हत्या के बाद कांग्रेस नेताओं ने घटना की परिस्थितियों, पुलिस की भूमिका और प्रदेश में जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि समय रहते कार्रवाई होती तो इस घटना को रोका जा सकता था।