फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jaipur: पीएम मोदी का कथित AI फेक वीडियो शेयर करना पड़ा भारी! NSUI कार्यकर्ता पर FIR, पुलिस जांच में जुटी

Fri, 03 Jul 2026 06:25 PM IST
जयपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

जयपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कथित एआई जनरेटेड फेक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करने के आरोप में एनएसयूआई कार्यकर्ता कार्तिकेय भारद्वाज के खिलाफ मुहाना थाने में मामला दर्ज किया गया है। शिकायत भाजपा जयपुर शहर के प्रवक्ता की ओर से दी गई।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जयपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कथित एआई जनरेटेड फेक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करने के मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। इस प्रकरण में राजस्थान के एनएसयूआई कार्यकर्ता कार्तिकेय भारद्वाज के खिलाफ मुहाना थाने में मामला दर्ज किया गया है। कार्तिकेय, कांग्रेस नेता पुष्पेंद्र भारद्वाज के पुत्र बताए जा रहे हैं।
विज्ञापन


भाजपा प्रवक्ता की शिकायत पर दर्ज हुआ मामला
जानकारी के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी जयपुर शहर के प्रवक्ता खेमचंद शर्मा की ओर से मुहाना थाने में शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कार्तिकेय भारद्वाज ने सोशल मीडिया पर 'मोदी गोट लेटेंट' नाम से एक पेज बनाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कथित AI जनरेटेड फेक वीडियो अपलोड किया। वीडियो में जयपुर में कथित तौर पर 'मोदी गोट लेटेंट' शो शुरू करने संबंधी भ्रामक सामग्री प्रसारित की गई, जिससे लोगों को गुमराह करने का प्रयास हुआ।

वीडियो और डिजिटल साक्ष्यों की जांच में जुटी पुलिस
पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। इस प्रकरण की जांच मुहाना थाना प्रभारी गुरु भूपेंद्र सिंह को सौंपी गई है। पुलिस सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो की सत्यता, उसके स्रोत और अपलोड से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन


भाजपा ने की सख्त कार्रवाई की मांग
इस मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने भी कड़ा रुख अपनाया है। भाजपा सोशल मीडिया प्रकोष्ठ के प्रदेश सह-संयोजक अजय विजयवर्गीय ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि उनकी जानकारी के अनुसार कार्तिकेय भारद्वाज के खिलाफ प्रदेश में पहले से आठ से अधिक एफआईआर दर्ज हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा और उसके कार्यकर्ता इस मामले में किसी भी प्रकार की माफी के पक्ष में नहीं हैं तथा दोषी के खिलाफ कानून के तहत कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

यह भी पढ़ें: जगन गुर्जर केस से उठे सवाल: राजस्थान में हिरासत में मौतों पर बढ़ी चिंता, 5 साल में 51 मौतें
विज्ञापन


AI वीडियो था या नहीं, जांच के बाद होगा खुलासा
फिलहाल पुलिस पूरे मामले के तकनीकी और कानूनी पहलुओं की जांच कर रही है। यह स्पष्ट किया जाएगा कि वीडियो एआई की मदद से तैयार किया गया था या नहीं तथा उसका उद्देश्य क्या था। जांच पूरी होने के बाद पुलिस आवश्यक कानूनी कार्रवाई करेगी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें