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Rajasthan SIR: कांग्रेस का बड़ा आरोप; अमित शाह-बीएल संतोष की साजिश से राजस्थान में वोटर लिस्ट में हेरफेर

Mon, 19 Jan 2026 04:13 PM IST
सौरभ भट्ट न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर/ नई दिल्ली

सार

कांग्रेस ने अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बीएल संतोष पर राजस्थान में वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान बड़े पैमाने पर हेरफेर का आरोप लगाया है। पार्टी ने दावा किया कि 3 से 15 जनवरी के बीच बीजेपी नेताओं और उम्मीदवारों के माध्यम से विधानसभा क्षेत्रों में फर्जी फार्म जमा कर लाखों मतदाताओं के नाम हटाए गए। कांग्रेस ने फॉरेंसिक जांच की मांग की है और कहा कि बीजेपी ने खास तौर पर कांग्रेस जीत वाले क्षेत्रों को निशाना बनाया। राज्य मंत्री गौतम डाक ने आरोपों को खारिज करते हुए प्रक्रिया को पारदर्शी बताया और कहा कि कोई अंतिम नामांकन नहीं हटाया गया है।

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कांग्रेस - फोटो : कांग्रेस
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विस्तार
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कांग्रेस ने सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के शीर्ष नेतृत्व पर राजस्थान में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान बड़े पैमाने पर हेरफेर करने का आरोप लगाया। पार्टी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) बीएल संतोष पर इस कथित साजिश का नेतृत्व करने का आरोप लगाते हुए दिल्ली स्थित एआईसीसी मुख्यालय में यह मुद्दा उठाया।

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प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने इसे लोकतंत्र पर हमला करार दिया। डोटासरा ने कहा कि 3 जनवरी तक SIR प्रक्रिया सामान्य रूप से चल रही थी, लेकिन उसी दिन जयपुर में हुई एक बैठक के बाद मतदाताओं के नाम जोड़ने और हटाने की कथित योजना लागू की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि 13 जनवरी को अमित शाह के जयपुर दौरे के बाद बड़े पैमाने पर फर्जी, कंप्यूटराइज्ड फार्म तैयार कर विधानसभा क्षेत्रों में बांटे गए और 13 से 15 जनवरी के बीच हजारों आवेदन मतदाता नाम हटाने के लिए जमा किए गए।

डोटासरा ने दावा किया कि कांग्रेस-जीते विधानसभा क्षेत्रों को खास तौर पर निशाना बनाया गया और बूथ लेवल एजेंटों (BLA) के जाली हस्ताक्षरों का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) पर ओटीपी साझा करने का दबाव बनाया गया। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने पूरे मामले की फॉरेंसिक जांच की मांग की और कहा कि सभी फर्जी फार्म एक ही स्थान पर छापे गए प्रतीत होते हैं। उन्होंने चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट से हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि कांग्रेस इस कथित फर्जीवाड़े के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएगी और कानूनी लड़ाई लड़ेगी।

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बीजेपी बोली- अभी आपत्ति दर्ज की गई, नाम नहीं हटाया
वहीं, राज्य मंत्री गौतम डाक ने कांग्रेस के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि SIR प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है और चुनाव आयोग एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल केवल आपत्तियां दर्ज की गई हैं, किसी भी मतदाता का नाम अंतिम रूप से नहीं हटाया गया है। उन्होंने कांग्रेस के आरोपों को राजनीतिक हताशा का परिणाम बताया।

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