राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को विधानसभा में विनियोग विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए विपक्ष पर तीखा पलटवार किया। उन्होंने कांग्रेस पर अपने कार्यकाल में 'परियोजना पर परियोजना घोषित करने' लेकिन जमीन पर 'जीरो नहीं, डबल जीरो” काम करने का आरोप लगाया।
'चुनौती हमने स्वीकार की, साहस उनके पास नहीं था'
मुख्यमंत्री ने नेता प्रतिपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि प्रदर्शन पर बहस की चुनौती भाजपा ने स्वीकार की, लेकिन कांग्रेस चर्चा का सामना नहीं कर सकी। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के अंदरूनी मतभेदों के कारण सदन में सार्थक बहस नहीं हो पाई और विपक्ष के पास जनता के सामने रखने के लिए ठोस उपलब्धियां नहीं थीं। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर निशाना साधते हुए शर्मा ने कहा कि वरिष्ठ नेताओं को बयानबाज़ी सदन के भीतर करनी चाहिए, बाहर नहीं। इस दौरान सीएम ने कांग्रेस के आंतरिक विवादों का भी जिक्र किया जिस पर कांग्रेस विधायक ने अपना आक्रोश जताया।
34 नई नीतियां और ‘विकसित भारत 2047’ का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उनकी सरकार ने 34 से अधिक नई नीतियां लागू की हैं और जनता से किए गए हर वादे को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में राजस्थान एक मजबूत ग्रोथ इंजन के रूप में उभर रहा है।
भाजपा सरकार में बढ़ी लोगों की आय
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सदन में आंकड़ों को गिनाते हुए कहा कि राज्य की प्रति व्यक्ति आय दो वर्ष पहले 1.67 लाख रुपये से बढ़कर अब 2.02 लाख रुपये से अधिक हो गई है, जो 21 प्रतिशत से ज्यादा की वृद्धि है। उन्होंने बताया कि 2026–27 में राज्य की वार्षिक राजस्व प्राप्तियां 3.25 लाख करोड़ रुपये अनुमानित हैं, जो पिछले वर्ष से 14.09 प्रतिशत अधिक हैं, जबकि पूंजीगत व्यय 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहेगा। उन्होंने कहा कि वित्तीय घाटा 3.6 प्रतिशत पर नियंत्रित है, जो एफआरबीएम सीमा के भीतर है और पिछली सरकार के औसत 4.25 प्रतिशत से कम है। वर्तमान बजट का आकार पिछली कांग्रेस सरकार के अंतिम बजट से लगभग 41 प्रतिशत अधिक है।
सिंचाई और यमुना जल परियोजना
इस दौरान किसानों के मुद्दों को लेकर मुख्यमंत्री ने सदन को आश्वस्त करते हुए कहा कि राजस्थान में यमुना जल लाने की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। राज्यों के बीच सहमति बन चुकी है और डीपीआर तैयार की जा रही है। यह योजना 'नल में पाइप लगाने जितना आसान काम नहीं है।'
भूमि आवंटन पर आरोप
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान भूमि आवंटन में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुईं और प्रमुख भूखंड मनमाने ढंग से बांटे गए। उन्होंने कहा कि कुछ निजी मेडिकल कॉलेजों और उद्योगपतियों को आवश्यकता से अधिक भूमि दी गई। शर्मा ने आश्वासन दिया कि वर्तमान सरकार पारदर्शिता सुनिश्चित करेगी और वास्तविक आवश्यकता के आधार पर ही भूमि आवंटित करेगी।
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विनियोग विधेयक पर जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं-
जयपुर में ट्रैफिक जाम से राहत के लिए द्रव्यवती नदी के किनारे 36 किमी लंबी एलिवेटेड रोड का निर्माण।
जयपुर मेट्रो फेज-टू के तहत 42.80 किमी लंबी परियोजना (लगभग 13,600 करोड़ रुपये) का कार्य शीघ्र शुरू किया जाएगा।
रोडवेज के लिए 300 नई बसें खरीदी जाएंगी।
मिसिंग लिंक सड़कों के लिए 500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रस्ताव।
बालोतरा जिले में कौशल विकास हब की स्थापना।
आगामी वर्ष के लिए 1.25 लाख पदों पर भर्ती हेतु कैलेंडर जारी करने की घोषणा।