जयपुर नगर निगम ग्रेटर की साधारण सभा की बैठक के दौरान कांग्रेस और भाजपा पार्षदों के बीच जबरदस्त हंगामा और हाथापाई हुई। दोनों दलों के पार्षदों ने एक-दूसरे पर अमर्यादित भाषा का उपयोग करने और गाली देने का आरोप लगाया है। विवाद के बाद मेयर ने सभा को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया।
बैठक के दौरान कांग्रेस पार्षद राजेश गुर्जर एक प्रस्ताव पर अपनी बात रख रहे थे। इसी बीच भाजपा के एक पार्षद ने बीच में खड़े होकर आपत्ति जताई। इसके बाद दोनों के बीच बहस शुरू हो गई, जो देखते ही देखते हाथापाई में बदल गई। कांग्रेस और भाजपा के पार्षद वेल में आकर भिड़ गए।
बैठक में हाजिरी की स्थिति
150 सदस्यों वाले सदन में केवल 81 पार्षद मौजूद थे। मेयर सहित कांग्रेस के 20 और भाजपा के 50 पार्षद बैठक में शामिल हुए। उप महापौर पुनीत कर्णावट और कई समितियों के चेयरमैन बैठक से अनुपस्थित रहे। बैठक का मुख्य एजेंडा वर्किंग कमेटियों को भंग करने से जुड़ा था। यह प्रस्ताव मेयर की ओर से पेश किया गया था, जिसका उद्देश्य सरकार और संगठन पर दबाव बनाना बताया जा रहा है। हालांकि विवाद के चलते इस पर चर्चा नहीं हो सकी।
समिति चेयरमैनों की गैरमौजूदगी
बैठक में डिप्टी मेयर पुनीत कर्णावट और समितियों के चेयरमैन सुखप्रीत बंसल, रश्मि सैनी, राखी राठौड़, विनोद चौधरी, शील धाभाई समेत अन्य चेयरमैन अनुपस्थित रहे। चेयरमैन भारती लख्यानी भी बीच में सदन छोड़कर चली गईं।
पिछले दिन भी हंगामा
27 जनवरी को सफाई कर्मचारियों के हमले के कारण साधारण सभा की बैठक स्थगित कर दी गई थी। उस दिन नगर निगम ग्रेटर के बाहर भी जमकर हंगामा हुआ था। इस घटनाक्रम से जयपुर नगर निगम में राजनीतिक तनाव बढ़ गया है और दोनों दलों के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है।