भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा की बैठक 27 फरवरी 2025 (गुरुवार) को जयपुर स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष हमीद खान मेवाती ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा के नव-निर्वाचित प्रदेशाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ मौजूद रहे। इस बैठक में मोर्चा के प्रदेश पदाधिकारी, कार्यसमिति सदस्य, जिलाध्यक्ष एवं जिला महामंत्री शामिल हुए। बैठक का माहौल शुरुआत में तो संयमित था, लेकिन जैसे ही प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ मंच पर पहुंचे, वैसे ही भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के दो वरिष्ठ नेताओं के बीच विवाद हो गया।
मंच पर ही भिड़े कार्यकर्ता जैकी और महामंत्री जावेद कुरैशी
प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ के स्वागत के लिए भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के वरिष्ठ नेता जैकी आगे बढ़े, लेकिन जैसे ही वह प्रदेशाध्यक्ष को मंच पर लेकर पहुंचे, वैसे ही अल्पसंख्यक मोर्चा महामंत्री जावेद कुरैशी ने उन्हें मंच पर चढ़ने से रोक दिया। इस रोक को जैकी ने व्यक्तिगत अपमान के रूप में लिया और आवेश में आकर मंच पर ही जावेद कुरैशी से भिड़ गए।
कुछ ही सेकंड में दोनों नेताओं के बीच हाथापाई शुरू हो गई। प्रदेशाध्यक्ष की मौजूदगी की परवाह किए बिना, जैकी ने जावेद कुरैशी पर हाथ छोड़ दिया। इसके बाद मंच पर 30 सेकंड तक दोनों नेता गुत्थम-गुत्था होते रहे। यह सब देख रहे प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ स्थिति को नियंत्रित करने के बजाय शांत बैठकर इस घटनाक्रम को देखते रहे।
मीडिया के कैमरे में कैद हुआ पूरा विवाद
बैठक में पहले से ही मीडिया को आमंत्रित किया गया था और यह पूरा घटनाक्रम कैमरों में कैद हो गया। चूंकि घटना लाइव रिकॉर्ड हो रही थी, इसलिए प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ इस मामले में किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने से बचते दिखे। राजनीतिक तौर पर यह एक संवेदनशील मुद्दा बन सकता था, इसलिए प्रदेशाध्यक्ष ने खुद को इससे दूर रखना ही बेहतर समझा।
कार्यकर्ताओं ने की सट्टेबाजी
बैठक में मौजूद कई कार्यकर्ता इस विवाद को लेकर मज़ाक करते और यहां तक कि इस झगड़े पर सट्टेबाजी करते भी देखे गए। कुछ कार्यकर्ताओं ने हंसी-मज़ाक में यह भी कहा कि अगले चुनाव में अल्पसंख्यक मोर्चा के भीतर यह गुटबाज़ी और बढ़ सकती है।
क्या यह भाजपा के लिए खतरे की घंटी?
अल्पसंख्यक मोर्चा के इस विवाद ने भाजपा की अंदरूनी कलह को उजागर कर दिया है। बैठक में जिस तरह से दो वरिष्ठ नेता आपस में भिड़ गए, उससे पार्टी की अनुशासनहीनता साफ नजर आई। भाजपा, जो खुद को एक संगठित और अनुशासित पार्टी के रूप में पेश करती है, वहां इस तरह की घटनाएं पार्टी नेतृत्व के लिए चिंता का विषय बन सकती हैं।
क्या बोले मेवाती
वहीं, अल्पसंख्यक मोर्चे के प्रदेश अध्यक्ष हामिद खान मेवाती ने अमर उजाला से बातचीत के दौरान कुछ बातें कही। जिसमें उन्होंने बताया कि पूरे प्रदेश से अल्पसंख्यक मोर्चा के कार्यकर्ता जयपुर में इकट्ठे हुए थे। सभी नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ के सम्मान करने के लिए आए थे। किसी की कोई मंशा नहीं थी, पर मंच पर चढ़ने के दौरान गलतफहमी के चलते छोटी सी घटना घट गई। मेवाती ने यह भी कहा कि कार्यकर्ताओं का जोश और जज्बा देखना चाहिए कि वह भाजपा के साथ में कंधे से कंधा मिलाकर जुड़ने के लिए और आगे बढ़ाने के लिए तैयार नजर आ रहे हैं।