बगरू विधानसभा क्षेत्र में स्कूल निरीक्षण के दौरान सीजेपी कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों के बीच हुए विवाद के बाद महिला कार्यकर्ता रेखा शर्मा ने पूरे घटनाक्रम का दावा करते हुए अपनी आपबीती बताई। उन्होंने आरोप लगाया कि टीम को पहले से घेरने की तैयारी थी, गाड़ियों के शीशे तोड़े गए और उनके साथ भी मारपीट की गई। रेखा ने ग्रामीणों को भड़काने और हमले के पीछे भाजपा से जुड़े लोगों के होने का आरोप लगाया है।
बगरू विधानसभा क्षेत्र के एक गांव में स्कूल निरीक्षण के दौरान CJP कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों के बीच हुआ विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है। घटना के दौरान मौके पर मौजूद महिला कार्यकर्ता रेखा शर्मा ने अमर उजाला से खास बातचीत में पूरे घटनाक्रम की आपबीती सुनाई। रेखा शर्मा ने आरोप लगाया कि गांव में उनकी टीम के पहुंचने से पहले ही कुछ लोग समूह बनाकर बैठे थे और उन्हें अंदर नहीं घुसने देने की तैयारी थी। उनके पास लाठियां और फसल काटने में इस्तेमाल होने वाले हथियार भी मौजूद थे।
गांव पहुंचते ही घेरा, बातचीत के बाद बिगड़ी स्थिति
रेखा शर्मा के अनुसार, टीम के गांव पहुंचते ही लोगों ने उन्हें घेर लिया। शुरुआत में बातचीत हुई, लेकिन कुछ ही देर में स्थिति धक्का-मुक्की और हाथापाई में बदल गई। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यकर्ताओं की गाड़ियों के शीशे तोड़े गए और लाठियों से वार किए गए।
‘इस लड़की को पीटने के लिए महिलाओं को बुलाओ’
रेखा ने बताया कि जब कुछ लोग आशुतोष रांका के साथ मारपीट कर रहे थे, तो वहां मौजूद मीडियाकर्मी भी उसी तरफ चले गए। इस दौरान वह अकेली रह गईं। उनका आरोप है कि करीब पांच लोगों ने उन्हें घेर लिया और पुरुष आपस में कहने लगे कि ‘इस लड़की को पीटने के लिए महिलाओं को बुलाओ।’
‘पाकिस्तानी’ कहकर धक्का देने का आरोप
इसके बाद दो महिलाएं वहां पहुंचीं। रेखा के मुताबिक, इनमें एक बुजुर्ग महिला थी और दूसरी महिला ने चेहरे पर कपड़ा बांध रखा था। रेखा शर्मा का आरोप है कि बुजुर्ग महिला उन्हें लगातार ‘पाकिस्तानी’ कह रही थी और धक्के मार रही थी। उन्होंने बताया कि उन्हें धक्का देकर वहां से बाहर निकाला जा रहा था। इसी दौरान किसी व्यक्ति ने उनकी पीठ पर जोरदार मुक्का मारा, जिससे उनके कंधे में अभी तक दर्द है। रेखा के अनुसार, जब वह मुक्का मारने वाले व्यक्ति की तरफ पलटीं तो उनके चेहरे पर मिट्टी फेंक दी गई।
वीडियो बनाने लगीं तो मोबाइल छीनकर जमीन पर पटका
महिला कार्यकर्ता ने बताया कि गांव पहुंचने के बाद उन्होंने देखा कि कई लोग मोबाइल निकालकर पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना रहे थे। उन्होंने भी अपने मोबाइल से रिकॉर्डिंग शुरू करने की कोशिश की। आरोप है कि इसी दौरान एक व्यक्ति ने उनका मोबाइल छीनकर जमीन पर पटक दिया, जिससे मोबाइल की स्क्रीन टूट गई।
‘स्कूल तोड़ने आए हैं’, ऐसी बात फैलाने का आरोप
रेखा शर्मा ने आरोप लगाया कि मौके पर मौजूद एक बुजुर्ग व्यक्ति उन्हें और उनकी टीम को गांव में प्रवेश नहीं करने देने की बात कह रहा था। उनके मुताबिक, ग्रामीणों के बीच यह बात फैलाई गई थी कि CJP कार्यकर्ता स्कूल को तोड़ने के लिए आए हैं और गांव में अराजकता फैलाना चाहते हैं।
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एक साल बाद भी स्कूल की हालत नहीं सुधरी
रेखा ने कहा कि उनकी टीम करीब एक साल पहले भी इसी स्कूल का निरीक्षण कर चुकी थी। उस समय स्कूल की हालत बेहद खराब थी। उन्होंने दावा किया कि स्कूल भैंसों के तबेले जैसी स्थिति में संचालित हो रहा था। एक साल बाद जब टीम दोबारा स्कूल की स्थिति देखने पहुंची तो उन्हें स्थिति में कोई खास सुधार नजर नहीं आया।
‘हमले वाले सामान्य ग्रामीण नहीं थे’
रेखा शर्मा ने आरोप लगाया कि ग्रामीणों को जानबूझकर इस तरह उकसाया गया कि CJP कार्यकर्ता स्कूल तोड़ने के लिए आए हैं, जबकि उनका उद्देश्य स्कूल की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण करना था। उन्होंने दावा किया कि मारपीट करने वाले सामान्य ग्रामीण नहीं, बल्कि भाजपा से जुड़े लोग थे और उन्हें ‘बीजेपी के गुंडे’ बताया।