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Rajasthan News: अखिर सच साबित हुई वायरल लिस्ट; जानिए बीजेपी के कार्यकारिणी को लेकर अंदर खाने कैसी हैं चर्चाएं

Thu, 27 Nov 2025 03:59 PM IST
सौरभ भट्ट न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

राजस्थान बीजेपी ने 34 सदस्यों की नई प्रदेश कार्यकारिणी घोषित की, जिसमें ज्यादातर संगठन से जुड़े नए चेहरे शामिल किए गए। वायरल हुई पुरानी लिस्ट के कई नाम दोहराए गए, जबकि कई दिग्गज बाहर हो गए। सिर्फ दो विधायकों को जगह मिली, जिससे पार्टी में अंदरूनी नाराज़गी बढ़ी।

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राजस्थान भाजपा - फोटो : Rajasthan BJP News
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विस्तार
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राजस्थान बीजेपी ने आखिर लंबे इंतजार के बाद अपनी प्रदेश कार्यकारिणी घोषित कर दी। नई कार्यकारिणी में कुल 34 सदस्य शामिल किए गए हैं। इसमें 9 उपाध्यक्ष, 4 महामंत्री, 7 मंत्री, 1 कोषाध्यक्ष, 1 सह-कोषाध्यक्ष, 1 प्रकोष्ठ प्रभारी और 7 प्रवक्ता नियुक्त किए गए हैं। पुरानी कार्यकारिणी में से सिर्फ एक नाम रिपीट किया गया है वह महामंत्री श्रवण सिंह बगड़ी का है। गौरतलब है कि ठीक ऐसी एक लिस्ट बीजेपी के व्हाट्सएप ग्रुप्स में करीब एक महीने पहले वायरल हुई थी। जिसे लेकर काफी हंगामा भी मचा था। 
नई लिस्ट के आने के बाद अब पुरानी वायरल लिस्ट की चर्चाएं भी जोरों पर है। वायरल लिस्ट के ज्यादातर नाम आधिकारिक नई लिस्ट में हैं। लेकिन कांग्रेस से बीजेपी में आई पूर्व मेयर ज्योति खंडेलवाल का नाम आज की लिस्ट में नहीं है। हालांकि कांग्रेस से बीजेपी में आई पूर्व सांसद ज्योति मिर्धा को इस सूची में उनके गृह जिले नागौर का महामंत्री बनाया गया है। इसी तरह वायरल लिस्ट में शामिल उदयुर से अनीता कटारा का नाम भी इस लिस्ट में नहीं है। पूर्व विधायक रामलाल शर्मा को सतीश पूनियां के अध्यक्ष रहते प्रदेश का मुख्य प्रवक्ता बनाया गया था। इस बार की लिस्ट में उनका डिमोशन हो गया ओर उन्हें जयपुर देहात का प्रवक्ता बना दिया गया। राजस्थान से हाल में दिल्ली प्रतिनियुक्ति पर गए आईएएस केके पाठक की पत्नी अपूर्वा सिंह को भी इस लिस्ट में जगह दी गई है। उन्हें बीकानेर में मंत्री बनाया गया है।
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संघ के नामों पर चली कैंची 
सूत्रों का कहना है कि नई सूची में संघ के दिए नामों पर भी कैंची चल गई। कई ऐसे पूर्व पदाधिकारी हैं जिन्हें संघ का नजदीकी माना जाता है और लंबे समय तक जिन्होंने संगठन में काम भी किया लेकिन आज की सूची में उन्हें जगह नहीं मिली। अब इस लिस्ट को लेकर बीजेपी का एक धड़ा असंतुष्ट नजर आ रहा है। बीजेपी के सीनियर नेता ने नाम नहीं छापने की शर्त पर कहा-  यह कार्यकारिणी “ज्यादा समय नहीं चलेगी,” क्योंकि इसमें “जमीनी पकड़” वाले नेताओं की कमी है और “सामाजिक संतुलन साधने में विफल” रही है। उनका कहना है कि कई प्रभावशाली वर्गों को उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिला है, जबकि आने वाले चुनावों को देखते हुए यह बेहद आवश्यक था। नई कार्यकारिणी भाजपा संगठन में एक बड़े बदलाव का संकेत देती है, जिसमें चुने हुए प्रतिनिधियों की जगह संगठनात्मक कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता दी गई है।
 

नई टीम में संरचनात्मक बदलाव

कुल 34 सदस्यों की कार्यकारिणी में शामिल किए गए हैं। पहली बार कार्यकारिणी में प्रवक्ता, मीडिया प्रभारी, IT प्रभारी और सोशल मीडिया प्रभारी जैसे पद शामिल किए गए हैं। पहले यह पद कार्यकारिणी का हिस्सा नहीं होते थे। महामंत्रियों की संख्या 5 से घटाकर 4 कर दी गई है। पिछली टीम से सिर्फ श्रवण सिंह बागड़ी को दोबारा मौका मिला है।

  • 9 उपाध्यक्ष

  • 4 महामंत्री

  • 7 मंत्री

  • 1 कोषाध्यक्ष

  • 1 सह-कोषाध्यक्ष

  • 1 प्रकोष्ठ प्रभारी

  • 7 प्रवक्ता शामिल किए गए हैं।

कौन हुए प्रमोट?

MLA-MP की भूमिका सीमित, दिग्गज बाहर

नई कार्यकारिणी में सिर्फ दो विधायक-बैगरू विधायक कैलाश वर्मा और विराटनगर विधायक कुलदीप धनकड़ को जगह दी गई है, वह भी राज्य प्रवक्ता के रूप में। कोर टीम में उपाध्यक्ष, महामंत्री और मंत्री पद पर किसी भी सांसद या विधायक को जगह नहीं मिली है। कई वरिष्ठ नेता सूची से बाहर हो गए हैं, जिनमें चुन्नीलाल गरासिया (राज्यसभा सांसद), दामोदर अग्रवाल (सांसद), बाबा बालकनाथ (MLA), जितेंद्र गोथवाल (MLA), नारायण पंचारिया (पूर्व RS), प्रभुलाल सैनी (पूर्व मंत्री), सीआर चौधरी (पूर्व सांसद), अजयपाल सिंह और मोतीलाल मीना शामिल हैं।

 

 

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