भाजपा प्रदेश मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन
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नगरीय निकाय चुनाव के टिकट वितरण को लेकर भारतीय जनता पार्टी के भीतर नाराजगी अब खुलकर सामने आने लगी है। जयपुर क्षेत्र में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता प्रदेश कार्यालय पहुंचे और टिकट वितरण की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं का आरोप था कि स्थानीय कार्यकर्ताओं की अनदेखी कर बाहरी प्रत्याशियों को टिकट दिए जा रहे हैं। उन्होंने पार्टी नेतृत्व से स्थानीय कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता देने की मांग की।
इसी दौरान हवामहल विधायक बालमुकुंद आचार्य से टिकट वितरण को लेकर सवाल किया गया। आचार्य ने कार्यकर्ताओं में किसी तरह की नाराजगी से इनकार करते हुए कहा कि पार्टी स्तर पर सही निर्णय लिया गया होगा। हालांकि, उनके सामने ही कुछ कार्यकर्ताओं ने विरोध शुरू कर दिया और जमकर नारेबाजी की। इससे टिकट वितरण को लेकर पार्टी के भीतर चल रही नाराजगी एक बार फिर सार्वजनिक हो गई।
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वहीं, नगरीय विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने भाजपा कार्यकर्ताओं के विरोध को लेकर कहा कि भाजपा का कुनबा करीब आठ करोड़ सदस्यों का है। ऐसे में यदि सौ-पचास सदस्य विरोध करते हैं तो इस पर क्या किया जा सकता है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के नामांकन के अंतिम दिन से ठीक पहले लक्ष्मणगढ़ और सीकर जिले के दौरे को लेकर खर्रा ने कहा कि सभी जनप्रतिनिधियों को अपने-अपने क्षेत्र में जाने का अधिकार है और इसमें कोई खास बात नहीं है।
खर्रा ने सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि दो लाख युवाओं को नियुक्तियां देने और महिलाओं के उत्थान के लिए संचालित विकास योजनाओं से हर वर्ग का केंद्र और राज्य सरकार पर विश्वास बढ़ा है।
उधर, पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी ने टिकट मंथन के दौरान दो नेताओं के बीच हुई नाराजगी को सामान्य घटना बताया। उन्होंने कहा कि सहमति बनाने की प्रक्रिया में कई बार नाराजगी सामने आ जाती है। इस मामले में दोनों पक्षों को समझाइश देकर तालमेल बनाया गया है। परनामी ने दावा किया कि भाजपा कार्यकर्ता एकजुट हैं और चुनाव में पार्टी प्रत्याशियों को जिताने के लिए पूरी ताकत लगाएंगे।
गौरतलब है कि निकाय चुनाव को लेकर भरतपुर संभाग प्रभारी और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी की मौजूदगी में करौली जिले के टिकटों पर मंथन के दौरान पूर्व विधायक राजकुमारी जाटव और जिलाध्यक्ष गोवर्धन सिंह के बीच तीखा विवाद हो गया था। विवाद इतना बढ़ गया कि राजकुमारी जाटव ने चप्पल उठाकर अपना गुस्सा जाहिर किया। टिकट वितरण से जुड़े इन घटनाक्रमों ने चुनाव से पहले भाजपा के भीतर चल रही खींचतान को उजागर कर दिया है।