फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rajasthan: ‘शुद्धिकरण’ पर चौतरफा घिरे ज्ञानदेव, राहुल से लेकर खरगे ने घेरा; BJP के लिए नई मुसीबत बना मुद्दा

Wed, 09 Apr 2025 02:53 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

Rajasthan: रामलीला में लंकेश यानी रावण का किरदार निभाने वाले बीजेपी के पूर्व एमएलए ज्ञानदेव आहूजा राम के नाम पर भगवाधारी पार्टी के लिए बड़ी मुसीबत खड़ी कर गए। जिसे राहुल गांधी से लेकर मल्लिकार्जुन खरगे ने इसे राष्ट्रीय मुद्दा बना दिया है।
विज्ञापन
ज्ञानदेव आहूजा ने बढ़ाई मुसीबत - फोटो : एक्स/फेसबुक
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

राजस्थान में अलवर स्थित राम मंदिर में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली की पूजा के बाद भाजपा नेता ज्ञानदेव आहूजा द्वारा मंदिर को गंगाजल से धोने की घटना ने सियासी माहौल गरमा दिया है। भाजपा ने भले ही आहूजा को पार्टी से बाहर कर कार्रवाई का संदेश देने की कोशिश की हो, लेकिन कांग्रेस ने इस मुद्दे को राष्ट्रीय पटल पर उठा दिया है।
विज्ञापन


कांग्रेस नेता राहुल गांधी खुलकर जूली के समर्थन में सामने आए हैं। राहुल गांधी और कांग्रेस ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर मंदिर की सफाई से जुड़े वीडियो साझा कर भाजपा पर तीखा हमला बोला है। राहुल गांधी ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि 'यह भाजपा की दलित विरोधी और मनुवादी सोच का एक और उदाहरण है। भाजपा लगातार दलितों का अपमान कर रही है और संविधान पर हमला कर रही है।
 

वहीं, कांग्रेस ने एक बयान में कहा, ज्ञानदेव आहूजा का कहना है कि 'दलित अपवित्र होते हैं, इसलिए मंदिर को गंगाजल से शुद्ध किया गया।' यह पहली बार नहीं है, भाजपा और आरएसएस के नेता समय-समय पर दलितों का अपमान करते रहे हैं। मोदी के करीबी माने जाने वाले आहूजा की यह हरकत भाजपा की दलित विरोधी मानसिकता को उजागर करती है। साफ है कि भाजपा संविधान के कारण ही दलितों को बर्दाश्त कर पा रही है, और यही वजह है कि वे बार-बार संविधान बदलने की बात करते हैं।
विज्ञापन


पढ़ें: कांग्रेस नेता जूली के मंदिर जाने के बाद 'शुद्धिकरण' करने का मामला, ज्ञानदेव आहूजा BJP से निलंबित    
विज्ञापन


कांग्रेस अधिवेशन में भी उठा मुद्दा
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी इस मुद्दे को कांग्रेस अधिवेशन में उठाया। उन्होंने कहा कि हमारे नेता प्रतिपक्ष रामनवमी पर भगवान राम के दर्शन करने मंदिर गए। दर्शन के बाद मंदिर में गंगाजल छिड़का गया, यह अत्यंत शर्मनाक है। जब एक एलओपी (नेता प्रतिपक्ष) के साथ ऐसा हो सकता है, तो सोचिए गांव-देहात में रहने वाले एक आम दलित के साथ क्या होता होगा? इस पूरे घटनाक्रम से भाजपा बैकफुट पर नजर आ रही है, वहीं कांग्रेस इसे दलित सम्मान और संविधान की गरिमा से जोड़कर आगामी चुनावों में बड़ा मुद्दा बनाने की तैयारी में दिख रही है।



विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें