राजस्थान में पंचायत राज और निकाय चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को 31 जुलाई तक चुनाव कराने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद प्रदेश में चुनावी तैयारियों और राजनीतिक गतिविधियों ने रफ्तार पकड़ ली है।
इसी बीच भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में भाजपा ने ग्रामीण क्षेत्रों में अपना जनसंपर्क अभियान लगातार जारी रखा। मुख्यमंत्री ने गौरव रथ अभियान के जरिए प्रदेश की 200 विधानसभा सीटों पर पंचायत स्तर तक सरकार की योजनाएं और उपलब्धियां पहुंचाने का प्रयास किया।
गांव-गांव पहुंचे मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जयपुर, सीकर, अजमेर, बांसवाड़ा, डूंगरपुर, जालोर और प्रतापगढ़ समेत कई जिलों में पहुंचे। उन्होंने रात्री चौपाल कार्यक्रमों के जरिए ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। इन कार्यक्रमों में मुख्यमंत्री ने सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ ग्रामीणों की समस्याएं भी सुनीं। कई जगहों पर वे स्थानीय परंपराओं में शामिल हुए और ग्रामीणों के साथ भोजन कर सामाजिक जुड़ाव मजबूत करने की कोशिश की।
भाजपा ने तेज की संगठनात्मक तैयारी
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के साथ-साथ प्रदेश सरकार के मंत्री, विधायक और संगठन पदाधिकारी भी पंचायत स्तर तक सक्रिय नजर आए। गांवों में जनसंवाद, बैठकों और योजनाओं के प्रचार के जरिए भाजपा ने चुनावी माहौल तैयार करना शुरू कर दिया है।भाजपा का दावा है कि चुनावों की संभावित घोषणा से पहले ही अधिकांश क्षेत्रों में जनसंपर्क अभियान पूरा कर लिया गया है।
कांग्रेस ने लगाए चुनाव टालने के आरोप
वहीं, कांग्रेस और विपक्षी दल लगातार सरकार पर पंचायत और निकाय चुनाव टालने के आरोप लगाते रहे। विपक्ष का कहना था कि सरकार चुनाव कराने को लेकर गंभीर नहीं है। हालांकि, भाजपा नेताओं का कहना है कि अदालत में कानूनी प्रक्रिया के साथ-साथ संगठनात्मक तैयारियां भी लगातार जारी रखी गईं।
ये भी पढ़ें-
Rajasthan: गृह मंत्री अमित शाह 25 मई को आएंगे बीकानेर, सीमा चौकी सांचू में जवानों से करेंगे संवाद
चुनावी माहौल और गरमाने के आसार
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद अब प्रदेश में चुनावी गतिविधियां और तेज होंगी। भाजपा ने ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति पर पहले से काम शुरू कर दिया है, जिसका असर आगामी पंचायत और निकाय चुनावों में देखने को मिल सकता है।