बिजली की बढ़त के लिए उत्पादन कार्ययोजना बनाई
राजस्थान में लगातार हो रहे बिजली संकट को देखते हुए भजनलाल सरकार ने बजट में इसके लिए भी कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। बिजली की मांग को देखते हुए संभावित छह प्रतिशत की बढ़ोत्तरी दर के लिए उर्जा उत्पादन की कार्ययोजना बनाई गई है। साल 2031-32 तक परम्परागत स्रोतों से 20 हजार 500 मेगावाट क्षमता, अक्षय ऊर्जा के स्रोतों से 33 हजार 600 मेगावाट क्षमता, पवन 8 हजार 100 मेगावाट और हाइड्रो 3 हजार 300 मेगावाट क्षमता का उत्पादन करने के लिए करने काम शुरू किया गया है।
सीएम भजलाल शर्मा ने एमओयू किया
इसके लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर RVUNL और केंद्रीय उपक्रमों NTPC, COAL India Limited, NLC India Limited के बीच joint venture undertaking बनाकर 3 हजार 325 मेगावाट कोयला और लिग्नाईट आधारित परियोजनाएं स्थापित करने के लिए बीती 10 मार्च को एमओयू किए गए हैं।
कुसुम योजना के तहत काम जारी
वर्तमान में अनुबंधित 9 हजार मेगावाट सौर ऊर्जा के अतिरिक्त 13 हजार मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन करने के लिए ट्रैफिक बेस्ड टेंडर प्रक्रिया से 8 हजार मेगावाट ऊर्जा उत्पादन के साथ ही 'कुसुम योजना' के तहत 5 हजार मेगावाट का कार्य प्रगतिरत है। कुसुम योजना के अन्तर्गत 3 हजार 500 मेगावाट क्षमता की स्थापना के लिए एलओएल (Letters of Intent) भी जारी किए जा चुके हैं। वर्ष 2031-32 तक की ऊर्जा की मांग की पूर्ति के लिए 2 लाख 25 हजार करोड़ की लागत के कार्य करवाए जाएंगे।।
सोलर पार्क विकसित किए जाएंगे
अक्षय ऊर्जा के उत्पादन को गति देने के लिए आवश्यक लैंड पोलिसी को लागू किया जा चुका है। अब निजी क्षेत्रा के माध्यम से Renewable Energy के उत्पादन को गति देते हुए 50 हजार मेगावाट से अधिक उत्पादन क्षमता स्थापित करने की दिशा में पूगल, छतरगढ़-बीकानेर और बोडाना-जैसलमेर में सोलर पार्क विकसित किए जाएंगे।
हर घर-हर खेत बिजली
- प्रधानमंत्री जी के हर घर-हर खेत बिजली के संकल्प को साकार करने के लिए राजस्थान सरकार पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत प्रत्येक जिले में 'आदर्श सौर ग्राम' बनाएगी। प्रत्येक गांव में 2 मेगा वाट क्षमता तक के डिसेंट्रलाइज्ड सोलर पावर प्लांट लगाए जाएंगे। इसके लिए 40 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा।
- प्रदेश के सभी राजकीय कार्यालयों को सौर ऊर्जा से जोड़ते हुए बिजली की बचत की जाएगी।
- बिजली से वंचित रहे 2 लाख 8 हजार से अधिक घरों को आगामी 2 साल में कनेक्शन दिए जाएंगे।
- 765 केवी के छह, 400 केवी के सात, 220 केवी के 15 और 132 केवी के 40 जीएसएस और संबंधित लाइनों का चरणबद्ध रूप से विस्तार और निर्माण किया जाएगा।
- इस साल 25 लाख से अधिक घरों में स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे।
सड़क नेटवर्क पर 60 हजार होंगे खर्च
वित्त मंत्री दीया कुमारी की ओर से बजट में पांच साल में 53 हजार किलोमीटर सड़क निर्माण की घोषणा की गई है। इस पर करीब 60 हजार करोड़ खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा चरणबद्ध तरीके से स्टेट हाईवे, बाईपास, प्लाईओवर, हाईलेवल ब्रिज समेत आदि के निर्माण और सुधार कार्य में करीब 9 हजार करोड़ से किए जाएंगे।