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राजस्थान: गहलोत बोले-किसानों को पानी नहीं, गौशालाओं को अनुदान नहीं; चुनाव में जनता भाजपा से हिसाब मांगेगी

Tue, 13 Oct 2026 05:34 PM IST
Sourabh Bhatt न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

बीकानेर के नाल में अशोक गहलोत ने पंचायत चुनाव से पहले भाजपा सरकार को घेरा। उन्होंने किसानों को सिंचाई का पानी और फसल खराबे का मुआवजा देने, गौशालाओं का बकाया अनुदान जारी करने और स्वास्थ्य योजनाओं को मजबूत करने की मांग उठाई।

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बीकानेर में सभा को संबोधित करते गहलोत - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पंचायत चुनावों के बीच भाजपा सरकार को किसानों, गौशालाओं और स्वास्थ्य योजनाओं के मुद्दे पर घेरा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीकानेर संभाग में नहरों का पर्याप्त पानी नहीं मिलने से फसलें खराब हो रही हैं, लेकिन प्रभावित किसानों को राहत नहीं मिल रही। वहीं, गौशालाओं को अनुदान के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। गहलोत ने कहा कि पंचायत चुनावों में जनता भाजपा सरकार से उसके वादों और कामकाज का हिसाब मांगेगी।

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गहलोत मंगलवार को बीकानेर जिले के नाल गांव में आयोजित पंचायतीराज चुनाव सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर चुनाव लड़ने और अधिक से अधिक प्रधान व जिला प्रमुख बनाने के लिए जुटने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं की परीक्षा का समय है। पंचायतों में कांग्रेस की जीत गांवों के विकास और प्रदेश में अगली बार कांग्रेस सरकार बनाने की दिशा में अहम होगी।

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एमएसपी के बावजूद किसानों को नहीं मिल रहा पूरा दाम

गहलोत ने बीकानेर संभाग में किसानों की समस्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि मूंग का न्यूनतम समर्थन मूल्य 8,780 रुपये प्रति क्विंटल होने के बावजूद किसानों को मंडियों में पूरा दाम नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बांधों में पानी उपलब्ध होने के बाद भी नहरों में पर्याप्त पानी नहीं छोड़ा गया। इससे छतरगढ़, पूगल और खाजूवाला क्षेत्र में मूंगफली, ग्वार, नरमा और मूंग की फसलों को नुकसान हुआ है।

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उन्होंने कहा कि कई गांवों में अकाल जैसे हालात हैं, लेकिन किसानों को राहत नहीं मिल रही। गहलोत ने प्रभावित क्षेत्रों में आठ बारी सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने और फसल खराबे को देखते हुए किसानों की मदद करने की मांग की। उन्होंने बाड़मेर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की ओर से की गई घोषणाओं के क्रियान्वयन पर भी सवाल उठाए।

गौशालाओं के बकाया अनुदान का मुद्दा उठाया

गहलोत ने गौशालाओं को समय पर अनुदान नहीं मिलने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि अनुदान की मांग को लेकर गौशाला संचालकों और संतों को जयपुर में रैली करनी पड़ी। उनके अनुसार, करीब 15 साल पहले उनकी सरकार ने गौशालाओं को सरकारी अनुदान देने की पहल की थी, ताकि गोवंश के संरक्षण और संवर्धन को बढ़ावा मिल सके। उन्होंने मौजूदा सरकार से गौशालाओं का बकाया अनुदान जल्द जारी करने की मांग की।

खेजड़ी संरक्षण और स्वास्थ्य योजनाओं पर भी घेरा

बीकानेर में खेजड़ी संरक्षण के मुद्दे पर गहलोत ने कहा कि सौर ऊर्जा परियोजनाओं के विकास के साथ राज्य वृक्ष को बचाने के प्रयास भी जरूरी हैं। उन्होंने विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाने पर जोर दिया।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में शुरू की गई स्वास्थ्य योजनाओं को कमजोर किए जाने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का उद्देश्य आम लोगों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराना और चिकित्सा खर्च का बोझ कम करना था। गहलोत ने कहा कि किसानों, पशुपालकों और आमजन की समस्याओं का समाधान करना तथा गांवों का विकास सुनिश्चित करना पंचायतीराज व्यवस्था की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से जनता के बीच जाकर इन मुद्दों को उठाने और पंचायत चुनावों में कांग्रेस को मजबूत बनाने की अपील की।

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