जयपुर एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भारतीय जनता पार्टी पर जमकर निशाना साधा। सांसदों के भाजपा में शामिल होने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि भाजपा अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रही है और देश में लगातार लोकतंत्र को कमजोर किया जा रहा है। उनका आरोप था कि केंद्रीय एजेंसियां सरकार के नियंत्रण में हैं और विपक्षी नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है।
‘वॉशिंग मशीन’ बयान से साधा निशाना
गहलोत ने कहा कि जिन नेताओं पर पहले आरोप लगाए जाते हैं, वही बाद में भाजपा में शामिल होते ही “वॉशिंग मशीन” के जरिए साफ हो जाते हैं। उन्होंने महाराष्ट्र, कर्नाटक और मध्य प्रदेश का उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस के नेताओं को तोड़ने की लगातार कोशिश की गई है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें भ्रम है, जो जल्द टूटेगा।
राजस्थान की राजनीति में साजिश का आरोप
राजस्थान की राजनीति पर बोलते हुए गहलोत ने कहा कि भाजपा नेता जानबूझकर आंतरिक विवाद भड़काने की कोशिश करते हैं, लेकिन कांग्रेस एकजुट है। उन्होंने 2020 के राजनीतिक घटनाक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि उनके विधायकों को 34 दिन तक होटल में रहना पड़ा, जो भाजपा की “हॉर्स ट्रेडिंग” का परिणाम था।
पश्चिम बंगाल मतदान और चुनाव आयोग पर सवाल
पश्चिम बंगाल में रिकॉर्ड मतदान पर उन्होंने कहा कि असली कारण 4 तारीख को सामने आएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि दबाव, डर या वोट काटने जैसी रणनीति अपनाई गई है तो सच्चाई सामने आ जाएगी। साथ ही उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए और कहा कि हाईकोर्ट तक इस पर टिप्पणी कर चुका है।
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धमकियों को लेकर जताई चिंता
राजस्थान विधानसभा, हाईकोर्ट और अन्य संस्थानों को मिल रही धमकियों पर गहलोत ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि छह महीने में भी आरोपियों का पकड़ा न जाना गंभीर सवाल खड़े करता है। मुख्यमंत्री पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पूरे राज्य के होते हैं और उन्हें मिली धमकियां बेहद दुर्भाग्यपूर्ण हैं। अंत में गहलोत ने संगठन को लेकर कहा कि कांग्रेस को मेवाड़ के साथ-साथ मारवाड़ और अन्य कमजोर क्षेत्रों पर भी फोकस करना चाहिए, ताकि पार्टी को मजबूती मिल सके।